ब्रेकिंग
पटना में डेंगू का खतरा बढ़ा: अगस्त के पहले सप्ताह में ही मिले 19 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्टBJP विधायक की हत्या की साजिश! जेल अधीक्षक समेत चार के खिलाफ FIR दर्ज; गुमनाम पत्र ने खोला राजसामाजिक सुरक्षा योजना में रिश्वतखोरी का खुलासा, डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत तीन गिरफ्तारसुस्ता सीमा विवाद के बाद भारत-नेपाल की अहम बैठक, बॉर्डर पर शांति और समन्वय पर बनी सहमतिबहराइच में कार्यक्रम रद्द होने पर भड़के मुकेश सहनी, DM कार्यालय पहुंचकर प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोपपटना में डेंगू का खतरा बढ़ा: अगस्त के पहले सप्ताह में ही मिले 19 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्टBJP विधायक की हत्या की साजिश! जेल अधीक्षक समेत चार के खिलाफ FIR दर्ज; गुमनाम पत्र ने खोला राजसामाजिक सुरक्षा योजना में रिश्वतखोरी का खुलासा, डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत तीन गिरफ्तारसुस्ता सीमा विवाद के बाद भारत-नेपाल की अहम बैठक, बॉर्डर पर शांति और समन्वय पर बनी सहमतिबहराइच में कार्यक्रम रद्द होने पर भड़के मुकेश सहनी, DM कार्यालय पहुंचकर प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

पूर्णिया के तटीय इलाकों में मंडराने लगा बाढ़ का खतरा, कनकई नदी का जलस्तर बढ़ने से कटाव हुआ शुरू

PURNIA: जहां एक तरफ नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने नदियों के जल स्तर को बढ़ा दिया है। वही दूसरी तरफ पूर्णिया तटीय इलाके अमौर मे लगातार मानसूनी बारिश होन

पूर्णिया के तटीय इलाकों में मंडराने लगा बाढ़ का खतरा, कनकई नदी का जलस्तर बढ़ने से कटाव हुआ शुरू
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PURNIA: जहां एक तरफ नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने नदियों के जल स्तर को बढ़ा दिया है। वही दूसरी तरफ पूर्णिया तटीय इलाके अमौर मे लगातार  मानसूनी बारिश होने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यहां कनकइ नदी मे जलस्तर बढ़ने के कारण डहुआबारी पंचायत के तालबारी टोला में कटाव होना शुरू हो गया है। जिसके कारण लोग दहशत के साए में हैं। कटाव निरोधी कार्य नहीं शुरू किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोग मकान ,बाँस, पेड़ पौधे काटकर पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं। लोगों की इस हालात से प्रशासन भी बेखबर है।


गौरतलब है कि बीते वर्ष तालबारी टोला में 70 से अधिक परिवारों के घर कटाव के ज़द में आकर नदियों में समा गए और विस्थापित हो चुके हैं । ऐसे में इस गांव का अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है । अब नदी किनारे घर तो नहीं है लेकिन गांव भी नदी से दूर नहीं है। जबकि पिछले साल प्राथमिक विद्यालय, तालबाड़ी टोला ,आंगनबाड़ी केंद्र, सड़क मार्ग भी नदी के आगोस में आने से विलीन हो गये। लोगों का आशियाना उजड़ गया। कई परिवार बेघर हो गये। कई लोग भी पलायन कर चुके हैं।


कुछ परिवारों के पास सुविधा नहीं होने के कारण रंगामाटी में बने स्वास्थ्य केंद्र में शरण ले चुके हैं। तालवारी पंचायत के महादलित टोला के परिवारों के घर भी महज पाँच सौ गज की दूरी पर ही है। न जाने कब कनकइ नदी के कटाव में आ जाए। महादलित टोला के दर्जनों महादलित परिवारों ने बताया कि सभी ने इस गाँव के साथ सौतेलापन किया है। जिस कारण अबतक कटाव निरोधी कार्य शुरू नहीं हुआ है । जबकि बाढ आने के पहले कटाव निरोधक कार्य हो जाना चाहिए था। अधिकारियों से लेकर विधायक एवं सांसद तक को मालूम है कि कनकई नदी का कटाव कैसे होता है। फिलहाल लोग सरकार से मदद की आस लगाए बैठे हैं। 

टैग्स
रिपोर्टिंग
T

रिपोर्टर

Tahsin Ali

FirstBihar संवाददाता