पुरी (ओडिशा): देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में पुरी में श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। महायज्ञ में देशभर से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। यह स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी का 63वां महायज्ञ बताया गया है।
महायज्ञ का उद्देश्य देश की प्रगति, विश्व शांति और गरीब कल्याण की भावना को मजबूत करना है। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में देश के विभिन्न जिलों में लगातार महायज्ञों का आयोजन किया जा रहा है। कश्मीर से लेकर किशनगंज तक अलग-अलग क्षेत्रों में इन धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को जोड़ा जा रहा है।
2047 से पहले भारत को विश्व गुरु बनाने की कामना
पुरी में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि उन्होंने माता विमला और प्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना की है कि भारत को वर्ष 2047 से पहले विश्व गुरु बनने की शक्ति मिले। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के साथ गरीबों के कल्याण को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत की ताकत और प्रभाव में बढ़ोतरी हुई है। देश को आगे बढ़ाने के लिए समाज के हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
‘गरीब कल्याण सबके जीवन का लक्ष्य हो’
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि गरीब कल्याण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसे हर व्यक्ति के जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने सनातन धर्म के व्यापक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी सोच मानव कल्याण और समस्त समाज के हित से जुड़ी है।
संत समाज से गांव-गांव अभियान चलाने की अपील
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने संत समाज से केरल और तमिलनाडु में गांव-गांव अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना और लोगों को देश, धर्म एवं सेवा के भाव से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘भारत माता प्रथम’ की भावना सभी के मन में होनी चाहिए।





