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निजी गाड़ी को कमर्शियल बनाना हुआ आसान, परिवहन विभाग की नई स्कीम लागू

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पहली बार उल्लंघन पर 5 हजार रुपये तक जुर्माना या 3 महीने की सजा। दूसरी बार में 10 हजार रुपये तक जुर्माना या 1 साल की सजा का प्रावधान है।

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कमर्शियल बनाना 'सुपर ईज़ी'!
© social media
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: बिहार में निजी वाहनों को व्यावसायिक (कमर्शियल) उपयोग में लाने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक आसान कर दी गई है। इस संबंध में परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई वाहन मालिक अपनी निजी गाड़ी को कमर्शियल या कमर्शियल गाड़ी को निजी उपयोग में बदलना चाहता है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।


राज्य में अब निजी वाहनों का प्रयोग व्यवसायिक तौर पर इस्तेमाल करने की प्रक्रिया आसान कर दी गई है। इस मामले को लेकर सूबे के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि वाहन मालिक अगर अपनी निजी गाड़ी को कॉमर्शियल में या कॉमर्शियल गाड़ी को निजी में तब्दील करके इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा और टैक्स में आने वाले फर्क की रकम जमा करनी होगी। अगर नई दर ज्यादा होगी, तो इस हिसाब से अधिक पैसे देने पड़ेंगे। 


अब होंगे आसान नियम

उन्होंने आगे कहा कि छोटी और हल्की कमर्शियल गाड़ियों को निजी में तब्दील करने का अधिकार अब जिला परिवहन पदाधिकारी यानी डीटीओ को दिया गया है। पहले यह जिला पदाधिकारी (डीएम) के अधिकार क्षेत्र में था। डीटीओ यह देखेंगे कि गाड़ी मालिक की आर्थिक स्थिति मजबूत है या नहीं, ताकि वे निजी गाड़ी का रखरखाव सही तरीके से कर सकें। साथ ही कमर्शियल गाड़ी को कम से कम दो साल तक इस्तेमाल में रहना जरूरी होगा और बदलाव से पहले सारे पुराने टैक्स जमा होने चाहिए।


सरकारी विभागों में भी बरती जाएगी सख्ती

मंत्री ने कहा कि कई सरकारी विभाग और निगम निजी नंबर वाली गाड़ियां किराए पर ले रहे थे, जो कानून के खिलाफ है। इससे सड़क सुरक्षा खतरे में पड़ती है और राजस्व भी कम होता है। सभी विभागों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि किराए पर गाड़ी लेते समय उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जरूर जांचें। गाड़ी कमर्शियल रजिस्टर्ड होनी चाहिए, वैध परमिट होना चाहिए और पीली रंग की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगी होनी चाहिए।


 और भविष्य में निजी गाड़ियों को अनुबंध पर बिल्कुल नहीं लिया जाएगा।  परिवहन मंत्री कुमार ने हाल ही में छपरा में समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर सख्त निर्देश दिए थे कि नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हो। पहली बार उल्लंघन पर 5 हजार रुपये तक जुर्माना या 3 महीने की सजा। दूसरी बार में 10 हजार रुपये तक जुर्माना या 1 साल की सजा।

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