PATNA: पटना के ज्ञान भवन में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार मेला में 10 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी मिली है। बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की ओर से आयोजित इस रोजगार मेले का बुधवार को समापन हुआ। विभाग के अनुसार, कुल 10,882 युवाओं को रोजगार मिला, जिनमें 1,984 युवाओं को विदेशों में नौकरी के अवसर प्राप्त हुए हैं।
समापन समारोह में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने 14 चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बिहार के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और सरकार की रोजगारोन्मुखी सोच का परिणाम है। इस अवसर पर मंत्री ने “स्वास्थ्य एवं संबद्ध क्षेत्र रोजगार मेला” नामक पुस्तक का भी विमोचन किया।
युवा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया कि रोजगार मेले के माध्यम से लगभग 2 हजार युवाओं को बिहार में ही नौकरी मिली, जबकि करीब 6 हजार युवाओं को राज्य से बाहर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त हुआ। वहीं 1,984 युवाओं ने विदेशों में उपलब्ध नौकरियों में रुचि दिखाई।
रोजगार मेले में देश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों और अस्पतालों ने हिस्सा लिया। इनमें मेदांता अस्पताल, अपोलो मेडिकल, पारस अस्पताल, रूबन अस्पताल, मेडिमिक्स, हाईकेम, अखंड ज्योति नेत्र अस्पताल और फोर्ड अस्पताल जैसे संस्थान शामिल रहे। विदेशों में हेल्थ केयर, लॉजिस्टिक्स, नर्सिंग, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए।
इस रोजगार मेले में सबसे अधिक वार्षिक पैकेज 18 लाख रुपये का रहा, जबकि न्यूनतम पैकेज 1 लाख 80 हजार रुपये सालाना दिया गया। जयप्रभा मेदांता सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने डॉ. कृष्णा और डॉ. शताक्षी को 18-18 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर नियुक्त किया। वहीं, हेकम इंडिया कंपनी ने अपर्णा कुमारी को एचआर पद पर करीब 88 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी दी। महेश कुमार और प्रिंस कुमार को दिल्ली-एनसीआर में जीडीए और नर्सिंग पद पर 45 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन की नौकरी मिली। विभाग के सचिव कौशल किशोर ने कहा कि यह रोजगार मेला सिर्फ शुरुआत है। सरकार हर साल विभिन्न क्षेत्रों में 6 से 7 रोजगार मेले आयोजित करेगी, ताकि युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर मिलते रहें।





