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बिहार में नगर निकायों के पुनर्गठन की तैयारी, विस्तार के अनुसार बदलेगा शहरी ढांचा; सरकार ने जिलों से मांगा प्रस्ताव

Bihar News: बिहार सरकार शहरों की बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए नगर निकायों के पुनर्गठन की तैयारी कर रही है। 30 अगस्त 2026 तक जिलों से प्रस्ताव मांगे गए हैं, जिनके आधार पर नए निकायों के गठन पर फैसला होगा।

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प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और शहरों के विस्तार को देखते हुए राज्य सरकार ने नगर निकायों के पुनर्गठन की तैयारी शुरू कर दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी जिलों से 30 अगस्त 2026 तक इस संबंध में प्रस्ताव मांगा है।



इन प्रस्तावों के आधार पर दो या उससे अधिक नगर निकायों के विलय, शहरों की सीमा विस्तार, नए नगर निकायों के गठन और नगर पंचायतों को नगर परिषद तथा नगर परिषदों को नगर निगम का दर्जा देने पर विचार किया जाएगा।



जनगणना-2027 के बाद बड़े बदलाव की तैयारी

सरकार तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए जनगणना-2027 के बाद बड़े स्तर पर नगर निकायों के पुनर्गठन की योजना पर काम कर रही है। इससे पहले वर्ष 2025 में भी नगर विकास एवं आवास विभाग ने जिलों से प्रस्ताव मांगे थे, लेकिन जनगणना-2027 के कारण प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव पर रोक लगा दी गई थी। अब सरकार ने जनगणना प्रक्रिया पूरी होने तक जरूरी प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि आगे नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।



सीमा विस्तार पर होगा विचार

नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश पत्र भेजकर प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। विभाग के अनुसार राज्य के कई शहर तेजी से फैल रहे हैं और कई जगह दो नगर निकायों की आबादी तथा आधारभूत संरचना एक-दूसरे से जुड़ चुकी है।



ऐसे क्षेत्रों में दो या उससे अधिक नगर निकायों को मिलाकर एक नया नगर निकाय बनाने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा शहरों से सटे ग्रामीण इलाकों को संबंधित नगर निकायों में शामिल कर सीमा विस्तार की योजना भी बनाई जाएगी।



नए नगर निकाय बढ़ने की संभावना

विभाग ने जिलाधिकारियों से कहा है कि वे दो या अधिक नगरपालिका क्षेत्रों को एक नगरपालिका क्षेत्र के रूप में गठित करने, ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निकायों में शामिल करने, पुराने नगर निकायों के उत्क्रमण और नए नगर निकायों के गठन से जुड़े प्रस्ताव तैयार कर भेजें।



सरकार छोटे लेकिन तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों को नया नगर निकाय बनाने पर भी विचार कर रही है। इसके साथ ही नगर पंचायतों को नगर परिषद और बड़े नगर परिषदों को नगर निगम का दर्जा देने की संभावना भी देखी जा रही है।



प्रस्ताव में देनी होगी पूरी जानकारी

जिलों से भेजे जाने वाले प्रस्तावों में संबंधित क्षेत्र की कुल आबादी, कामगारों की संख्या, कृषि कार्य से जुड़े लोगों का विवरण, क्षेत्रफल, जनसंख्या घनत्व, सीमा, चौहद्दी, थाना और नक्शे जैसी विस्तृत जानकारी देना अनिवार्य होगा।



राज्य सरकार बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के तहत नगर निकायों के पुनर्गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। इसका उद्देश्य बढ़ती आबादी के अनुरूप बेहतर शहरी प्रबंधन और आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता