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Patna Ring Road : अब पटना में नहीं लगेगा जाम! रिंग रोड और 6-लेन रिंग रोड से से ट्रैफिक होगा फास्ट, 15 हजार करोड़ से बदलेगी राजधानी की तस्वीर

बिहार की राजधानी पटना में रिंग रोड मेगा प्रोजेक्ट से बड़ा बदलाव आने वाला है। 15 हजार करोड़ की योजना से ट्रैफिक, कनेक्टिविटी और विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

Patna Ring Road : अब पटना में नहीं लगेगा जाम! रिंग रोड और 6-लेन रिंग रोड से से ट्रैफिक होगा फास्ट, 15 हजार करोड़ से बदलेगी राजधानी की तस्वीर
Tejpratap
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Patna Ring Road : बिहार की राजधानी पटना में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को लेकर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पटना रिंग रोड परियोजना को लेकर सरकार ने मेगा प्लान तैयार किया है, जो आने वाले समय में शहर और आसपास के जिलों की सूरत बदलने वाला है। खास बात यह है कि 37.35 किलोमीटर लंबे दिघवारा-बिदुपुर एलाइनमेंट के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है और इसकी मंजूरी जल्द मिलने की संभावना जताई जा रही है।


सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से लगभग 150 किलोमीटर लंबी रिंग रोड विकसित की जाएगी। यह रिंग रोड करीब 1350 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी। इस प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री पैकेज और भारतमाला परियोजना के तहत शामिल किया गया है, जिससे इसके जल्दी पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है।


गंगा के दोनों किनारों पर विकास की योजना

इस परियोजना के तहत गंगा नदी के दक्षिणी हिस्से में ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य राजधानी के ट्रैफिक दबाव को कम करना और बाहरी क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देना है। इससे शहर के भीतर जाम की समस्या में भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


6 लेन महासेतु से मिलेगी बड़ी सुविधा

पटना रिंग रोड प्रोजेक्ट के अंतर्गत शेरपुर-दिघवारा के बीच 6 लेन वाले महासेतु का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 6292 करोड़ रुपये है। यह पुल गंगा नदी पर बनाया जाएगा और उत्तर व दक्षिण बिहार के बीच आवागमन को आसान बनाएगा। इसके अलावा कन्हौली-रामनगर खंड का निर्माण भी लगभग 984 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा चुका है।


कई अहम हिस्सों पर जल्द शुरू होगा काम

परियोजना के तहत रामनगर-कच्ची दरगाह और कन्हौली-शेरपुर सेक्शन का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन हिस्सों के लिए जल्द ही निर्माण तिथि तय कर काम शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि चरणबद्ध तरीके से पूरे रिंग रोड को विकसित किया जाए ताकि ट्रैफिक डायवर्जन और लॉजिस्टिक्स मूवमेंट को सुगम बनाया जा सके।


इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद पटना के साथ-साथ सारण, गया, अरवल, भोजपुर, समस्तीपुर और वैशाली जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इन जिलों के बीच सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे व्यापार, परिवहन और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।


लॉजिस्टिक्स हब और हाई-स्पीड कॉरिडोर की योजना

सरकार इस प्रोजेक्ट के साथ हाई-स्पीड पेरिफेरल कॉरिडोर और आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने की भी योजना बना रही है। इससे माल ढुलाई की लागत कम होगी और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।


ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी की उम्मीद

पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण को देखते हुए यह परियोजना काफी अहम मानी जा रही है। रिंग रोड बनने से भारी वाहनों को शहर के अंदर आने की जरूरत नहीं होगी, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।


कुल मिलाकर, पटना रिंग रोड परियोजना बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक बड़ा बदलाव लाने जा रही है। अगर यह प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा होता है, तो राजधानी पटना न सिर्फ ट्रैफिक के मामले में राहत पाएगा, बल्कि आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया केंद्र भी बन सकता है।