ब्रेकिंग
युवक की मौत मामले में हाथी ‘विजयलक्ष्मी’ को मिली जमानत, महावत और मालिक अब भी जेल में बंटी यादव हत्याकांड: तेजस्वी यादव ने परिवार को 5 लाख का चेक दिया, बच्चों की पढ़ाई और नौकरी में मदद का ऐलानमुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार डबल मर्डर केस में बड़ा फैसला, साक्ष्य के अभाव में 6 आरोपी बरीबिहार में शराबबंदी का हाल देखिये, दरभंगा में करोड़ों की विदेशी शराब जब्त ‘ढह गया है एजुकेशन सिस्टम’, झारखंड के JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का बड़ा बयानयुवक की मौत मामले में हाथी ‘विजयलक्ष्मी’ को मिली जमानत, महावत और मालिक अब भी जेल में बंटी यादव हत्याकांड: तेजस्वी यादव ने परिवार को 5 लाख का चेक दिया, बच्चों की पढ़ाई और नौकरी में मदद का ऐलानमुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार डबल मर्डर केस में बड़ा फैसला, साक्ष्य के अभाव में 6 आरोपी बरीबिहार में शराबबंदी का हाल देखिये, दरभंगा में करोड़ों की विदेशी शराब जब्त ‘ढह गया है एजुकेशन सिस्टम’, झारखंड के JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का बड़ा बयान

Patna Ultra Pods: बिना ड्राइवर चलेगी टैक्सी, 5 KM ट्रैक पर 59 पॉड्स दौड़ेंगे; इन 9 स्टेशन पर होगा स्टॉपेज

पटना में जल्द शुरू होगी ड्राइवरलेस अल्ट्रा पॉड्स टैक्सी सेवा। 5 किमी ट्रैक पर 59 पॉड्स चलेंगे और 7 सेकंड में मिलेगी सवारी। जानिए प्रोजेक्ट की लागत, रूट और खासियत।

Patna Ultra Pods: बिना ड्राइवर चलेगी टैक्सी, 5 KM ट्रैक पर 59 पॉड्स दौड़ेंगे; इन 9 स्टेशन पर होगा स्टॉपेज
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Patna Ultra Pods : अगर आपको कहीं जाना हो और रास्ते में न ट्रैफिक की चिंता हो और न ड्राइवर की जरूरत पड़े, तो यह बात अभी तक किसी कल्पना जैसी लगती थी। लेकिन बिहार की राजधानी पटना में जल्द ही ऐसी सुविधा शुरू होने वाली है। शहर में पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड और ड्राइवरलेस ‘अल्ट्रा पॉड्स टैक्सी’ सेवा शुरू करने की तैयारी तेजी से चल रही है, जिससे लोगों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।


5 किलोमीटर के दायरे में चलेगी सेवा

पटना में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ‘अल्ट्रा पॉड्स’ (UltraPODs by Ultra PRT) प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत विश्वेश्वरैया भवन से विधानसभा होते हुए पुराने सचिवालय तक लगभग 5 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाया जाएगा। यह सेवा मुख्य रूप से प्रशासनिक क्षेत्र को आपस में जोड़ने के लिए शुरू की जा रही है, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों को आने-जाने में आसानी होगी।


296 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा प्रोजेक्ट

इस परियोजना को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने लार्सन एंड टर्बो (L&T) की टीम के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में कंपनी ने परियोजना की विस्तृत योजना प्रस्तुत की। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद यह प्रोजेक्ट लगभग 15 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इसकी कुल लागत करीब 296 करोड़ रुपये बताई जा रही है।


9 स्टेशन और 59 पॉड्स का संचालन

अल्ट्रा पॉड्स ट्रैक की कुल लंबाई लगभग 5 किलोमीटर होगी। यह विश्वेश्वरैया भवन से शुरू होकर विकास भवन, विधानसभा होते हुए पुराने सचिवालय तक पहुंचेगा। शुरुआती चरण में कुल 9 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से दो स्टेशनों के पास पार्किंग की सुविधा भी होगी। इसके अलावा एक कंट्रोल रूम और पॉड पार्किंग फैसिलिटी का निर्माण भी किया जाएगा। इस ट्रैक पर कुल 59 पॉड्स चलेंगे और प्रत्येक पॉड में 6 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी।


क्या होती है पॉड टैक्सी

पॉड टैक्सी एक आधुनिक और स्वचालित परिवहन प्रणाली है, जिसे पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) कहा जाता है। इसमें छोटे-छोटे कैप्सूल जैसे वाहन होते हैं, जो विशेष ट्रैक पर चलते हैं। ये पूरी तरह कंप्यूटर नियंत्रित होते हैं और इनमें किसी ड्राइवर की जरूरत नहीं होती। पटना में प्रस्तावित पॉड टैक्सी भी इसी तकनीक पर आधारित होगी, जिसमें हर पॉड में 6 यात्री आराम से सफर कर सकेंगे।


हर 7 सेकंड पर मिलेगी सवारी

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पॉड्स को बहुत कम अंतराल पर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के अनुसार हर 7 सेकंड के अंतराल पर पॉड उपलब्ध होगा, जिससे व्यस्त समय में भी लोगों को तुरंत सवारी मिल सकेगी। यात्री टोकन या रिचार्जेबल कार्ड के माध्यम से आसानी से इस सेवा का उपयोग कर सकेंगे। किराया भी बेहद कम रखा जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।


पूरी तरह स्वचालित और सुरक्षित व्यवस्था

अल्ट्रा पॉड्स पूरी तरह ड्राइवरलेस और स्वचालित होंगे। इनमें लेजर गाइडेड तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा और ये बैटरी से चलेंगे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक पॉड में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यात्रियों को टचस्क्रीन के जरिए अपना गंतव्य चुनना होगा और पॉड बिना बीच में रुके सीधे वहां पहुंचा देगा।


पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

यह परियोजना पर्यावरण के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पॉड टैक्सी इलेक्ट्रिक सिस्टम पर आधारित होगी, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही ट्रैक निर्माण के दौरान किसी भी पेड़ को नहीं काटने की योजना है। सड़क पर वाहनों की संख्या कम होने से ट्रैफिक जाम और उत्सर्जन दोनों में कमी आने की उम्मीद है।


स्मार्ट सिटी की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से प्रशासनिक भवनों के बीच आवागमन आसान होगा और समय की बचत होगी। साथ ही सचिवालय क्षेत्र में वाहनों की भीड़ कम होगी। अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो भविष्य में पटना के अन्य इलाकों में भी इसे विस्तार देने की योजना बनाई जा सकती है। बिहार सरकार की यह पहल पटना को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।