Water Crisis: गर्मी की दस्तक के साथ जल संकट की दहलीज पर पहुंचा बिहार, जलाशयों में सिर्फ 19 फीसदी पानी बचा

Water Crisis: गर्मी की दस्तक के साथ ही बिहार जल संकट की दहलीज पर पहुंच गया है। बिहार के जलाशयों में हर दिन पानी कम हो रहा है।

1st Bihar Published by: KHUSHBOO GUPTA Updated Mar 19, 2025, 7:35:19 AM

Water Crisis

गर्मी की दस्तक के साथ जल संकट की दहलीज पर पहुंचा बिहार - फ़ोटो google

Water Crisis: गर्मी की दस्तक के साथ ही बिहार जल संकट की दहलीज पर पहुंच गया है। मार्च के महीने में ही जलाशयों के 81 फीसदी पानी सूख गये हैं। बिहार में सामान्य तौर पर जून में स्थिति अधिक बिगड़ती है, लेकिन इस बार यह संकट पहले ही आ गया है।भीषण गर्मी की शुरुआत से पहले ही जलाशय सूखने लगे हैं। हाल यह है कि इनमें हर दिन पानी कम हो रहा है और 19 फीसदी पानी शेष रह गया है। केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। आयोग ने देशभर के जलाशयों की अद्यतन रिपोर्ट जारी की है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी क्षेत्र के राज्यों की स्थिति बहुत खराब है। यहां के जलाशयों की स्थिति पिछले साल की तुलना में और बिगड़ी है।


वहीं बात करें बीते साल की तो पूर्वी क्षेत्र के जलाशयों में 51 फीसदी पानी था, जबकि इस साल महज 46 फीसदी पानी शेष रह गया है। हालांकि इसमें बिहार की स्थिति सबसे नाजुक है। यहां के जलाशयों में केवल 19 फीसदी पानी शेष रह गया है, जबकि बीते साल यहां 32 फीसदी पानी था। सामान्य जल की उपलब्धता 27 फीसदी मानी जाती है। पिछले साल जलाशयों में सामान्य से अधिक पानी था, लेकिन इस साल सामान्य से कम पानी उपलब्ध है।


आयोग की रिपोर्ट में पूर्वी क्षेत्र के सात राज्यों के जलाशयों को शामिल किया गया है। इसमें तीन राज्यों में जलाशयों की स्थिति बीते साल से बेहतर हुई है, जबकि तीन की खराब हुई है। एक राज्य में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। मगर बिहार में स्थिति सबसे खराब है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस साल बिहार में गर्मी ने समय से पहले दस्तक दी है। इसके कारण जलाशयों पर प्रभाव देखने को मिल रहा है।