1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 11 Jan 2026 02:37:00 PM IST
Virat Kohli - फ़ोटो FILE PHOTO
Virat Kohli : टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने एक बार फिर अपने नाम एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करा ली है। रनों, शतकों और रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त में अब एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। 11 जनवरी (रविवार) को न्यूजीलैंड के खिलाफ वडोदरा में खेले गए वनडे मुकाबले में जैसे ही विराट कोहली मैदान पर उतरे, उन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इस मैच के साथ ही कोहली भारत की ओर से सबसे ज्यादा वनडे इंटरनेशनल मुकाबले खेलने वाले टॉप-5 खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए।
विराट कोहली अब तक भारत के लिए 309 वनडे इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने भारतीय टीम के लिए 308 वनडे मुकाबलों में हिस्सा लिया था। गांगुली भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं, ऐसे में उन्हें पछाड़ना कोहली के करियर की एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह आंकड़ा सिर्फ मैचों की संख्या नहीं दर्शाता, बल्कि कोहली की निरंतरता, फिटनेस और लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहने की क्षमता को भी रेखांकित करता है।
भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे इंटरनेशनल मुकाबले खेलने का रिकॉर्ड अब भी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। सचिन ने अपने 24 साल लंबे करियर में 463 वनडे मैच खेले, जो आज भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। उनका करियर क्रिकेट इतिहास का स्वर्णिम अध्याय माना जाता है। इस सूची में दूसरे स्थान पर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं, जिन्होंने 347 वनडे इंटरनेशनल मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 का टी20 वर्ल्ड कप, 2011 का वनडे वर्ल्ड कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा।
तीसरे स्थान पर राहुल द्रविड़ हैं, जिन्होंने भारत के लिए 340 वनडे मैच खेले, जबकि चौथे स्थान पर मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम आता है, जिन्होंने 334 वनडे मुकाबले खेले। विराट कोहली अब 309 मैचों के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच चुके हैं और जिस तरह उनका करियर आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि आने वाले समय में वह द्रविड़ और अजहरुद्दीन जैसे दिग्गजों को भी पीछे छोड़ सकते हैं।
37 साल के विराट कोहली का करियर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी निरंतरता, अनुशासन और बेहतरीन फिटनेस रही है। अगस्त 2008 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले कोहली ने बीते करीब दो दशकों में खुद को भारत का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज साबित किया है। मुश्किल हालात हों या बड़े मैच, कोहली ने अक्सर टीम को संकट से उबारा है।
वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में विराट कोहली का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 14,557 रन बनाए हैं, जिसमें 53 शतक और 76 अर्धशतक शामिल हैं। रन चेज़ में उनकी बल्लेबाजी को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी में गिना जाता है। “किंग कोहली” के नाम से मशहूर यह खिलाड़ी आज भी उसी जुनून और भूख के साथ मैदान पर उतरता है, जैसे अपने करियर के शुरुआती दिनों में उतरता था।
वर्तमान समय में भी विराट कोहली का खेल शीर्ष स्तर का है। उनकी टीम में निरंतर मौजूदगी यह साफ संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में भी वह वनडे क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। अनुभव, फिटनेस और क्लास का यह अनूठा मेल विराट कोहली को भारतीय क्रिकेट का एक अमूल्य रत्न बनाता है, जिसकी चमक अभी फीकी पड़ने वाली नहीं है।