CO और DCLR की मनमानी पर रोक के लिए विजय सिन्हा का एक और फरमान, अधिकारियों की मनमानी पर रोक के लिए जारी हुआ पत्र

बिहार में CO और DCLR की मनमानी पर रोक लगाने के लिए डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने नया आदेश जारी किया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिकारियों को समान मामलों में समान फैसला लेने और संविधान के अनुच्छेद-14 का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 01 Jan 2026 06:59:32 PM IST

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डीएम को सख्ती करने का निर्देश - फ़ोटो social media

PATNA: काली कमाई के लिए कुख्यात हो चुके राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को दुरूस्त करने के लिए डिप्टी सीएम विजय कुमार ने एक और आदेश जारी किया है. विभाग ने राज्य के सारे सीओ और डीसीएलआर को पत्र जारी कर दिया है. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान सामने आये मामलों को देखते हुए सरकार ने नया आदेश जारी किया है. इसमें राजस्व पदाधिकारियों को मनमानी नहीं करने की कड़ी चेतावनी दी गयी है.


एक जैसे मामलों में समान फैसला लें

दरअसल, विजय कुमार सिन्हा की भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान ये पता चला कि सीओ और डीसीएलआर जैसे राजस्व पदाधिकारी एक जैसे मामलों में अलग-अलग फैसला ले रहे हैं. सरकार ने इसे बेहद गंभीर मसला माना है. इसके बाद गुरूवार को पत्र जारी किया गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव सी.के. अनिल ने ये पत्र जारी किया है. 


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अपने अधिकारियों को संविधान का पाठ पढ़ाते हुए कहा है कि वे समान परिस्थिति वाले मामलों में समान फैसला लेना  सुनिश्चित करें. अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने पत्र में कहा है कि सभी राजस्व पदाधिकारी संविधान के अनुच्छेद-14 और समता के सिद्धांत का अनिवार्य रूप से पालन करेंगे.


राजस्व पदाधिकारियों की मनमानी पर रोक जरूरी

पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 का लक्ष्य है सबका सम्मान–जीवन आसान. इसे साकार करने के लिए राजस्व प्रशासन में मनमानी पर रोक लगाना आवश्यक है. पत्र में कहा गया है कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई मामलों में विधिक ज्ञान और प्रशिक्षण के अभाव में समान मामलों में अलग-अलग आदेश पारित किए जा रहे हैं. यह न केवल संविधान के अनुच्छेद-14 का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों के विश्वास को भी कमजोर करता है।


डीएम को सख्ती करने का निर्देश

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण हटाने, जमाबंदी कायम करने, पट्टा देने और सार्वजनिक भूमि से जुड़े मामलों में एकरूप, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई किया जाना चाहिये. राज्य के सारे डीएम को इन निर्देशों को सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है. 


चेहरा देखकर ले रहे फैसला

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सीओ और डीसीएलआर जैसे अधिकारियों को कहा है कि पहचान देखकर आदेश देना, किसी के दबाव में अलग व्यवहार करना, समान मामलों में अलग-अलग आदेश पारित करना और कुछ खास मामलों में ही सख्ती जैसे काम पूरी तरह गलत है. ऐसे कार्य न केवल विधिक शासन के विरुद्ध हैं, बल्कि राजस्व प्रशासन की साख पर भी सवाल खड़ा करते हैं.