Vande Bharat sleeper fare : कितना होगा वंदे भारत स्लीपर का किराया? नोट कर लें यात्री, RAC टिकट की सुविधा नहीं मिलेगी

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस जल्द शुरू होने जा रही है। गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर चलने वाली इस ट्रेन में RAC सुविधा नहीं होगी और किराया राजधानी से ज्यादा हो सकता है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 12 Jan 2026 08:06:15 AM IST

Vande Bharat sleeper fare

Vande Bharat sleeper fare - फ़ोटो FILE PHOTO

Vande Bharat sleeper fare : देश के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का इंतजार अब खत्म होने वाला है। जानकारी के मुताबिक, यह नई हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन अगले सप्ताह से पटरियों पर दौड़ सकती है। खास बात यह है कि यह वंदे भारत सीरीज की पहली स्लीपर ट्रेन होगी। अब तक देश में चल रहीं वंदे भारत ट्रेनें चेयर कार श्रेणी की हैं, लेकिन अब लंबी दूरी के यात्रियों के लिए स्लीपर सुविधा के साथ नई शुरुआत होने जा रही है।


रेलवे सूत्रों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत गुवाहाटी–हावड़ा रूट से की जाएगी। यह ट्रेन असम और पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख जिलों को कवर करेगी। उल्लेखनीय है कि दोनों राज्यों में इस वर्ष चुनाव होने हैं, ऐसे में इस ट्रेन को एक अहम कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के रूप में भी देखा जा रहा है।


RAC और वेटिंग लिस्ट की सुविधा नहीं

इस ट्रेन को लेकर यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में RAC (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन), वेटिंग लिस्ट या पार्शियली कन्फर्म टिकट की सुविधा नहीं होगी। रेलवे द्वारा 9 जनवरी को जारी सर्कुलर के अनुसार, इस ट्रेन में सिर्फ कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। यानी अगर सीट या बर्थ उपलब्ध नहीं है, तो टिकट ही नहीं मिलेगा।


सर्कुलर में यह भी साफ किया गया है कि यात्रियों को कम से कम 400 किलोमीटर की दूरी के बराबर किराया देना होगा, चाहे यात्रा की वास्तविक दूरी इससे कम ही क्यों न हो। सभी उपलब्ध बर्थ एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) से ही बुकिंग के लिए उपलब्ध होंगी।


प्रधानमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को अगले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना है। अन्य ट्रेनों की तरह इस ट्रेन में भी महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित कोटा उपलब्ध रहेगा।


किराया कितना होगा?

किराए को लेकर भी यात्रियों के लिए अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से भी ज्यादा हो सकता है। किराया दूरी के आधार पर तय किया गया है—

थर्ड एसी (3AC): 2.4 रुपये प्रति किमी

सेकंड एसी (2AC): 3.1 रुपये प्रति किमी

फर्स्ट एसी (1AC): 3.8 रुपये प्रति किमी


कम से कम 400 किमी की दूरी के हिसाब से न्यूनतम किराया होगा—

3AC: 960 रुपये

2AC: 1240 रुपये

1AC: 1520 रुपये

हालांकि, यह किराया GST (वस्तु एवं सेवा कर) के बिना है, यानी टैक्स जुड़ने के बाद यात्रियों को कुछ अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।


रफ्तार और रूट

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस फिलहाल 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यह ट्रेन न सिर्फ समय की बचत करेगी, बल्कि लंबी दूरी के यात्रियों को ज्यादा आरामदायक सफर भी देगी। गुवाहाटी और हावड़ा के बीच यह ट्रेन कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे असम और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।


कोच और सीटों की संख्या

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले पावरप्वॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से इस ट्रेन की जानकारी दी थी। उनके अनुसार, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में कुल 16 डिब्बे होंगे—

11 डिब्बे थर्ड एसी

4 डिब्बे सेकंड एसी

1 डिब्बा फर्स्ट एसी


कुल 823 बर्थ/सीटों में से—

611 थर्ड एसी में

188 सेकंड एसी में

24 फर्स्ट एसी में होंगी

आधुनिक सुविधाओं से लैस


वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को आधुनिक तकनीक और यात्रियों के आराम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें कई अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं, जैसे बेहतर कुशनिंग के साथ एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए बर्थ, कोचों के बीच आसान आवागमन के लिए वेस्टिब्यूल वाले स्वचालित दरवाजे बेहतर सस्पेंशन सिस्टम और कम शोर, जिससे यात्रा अधिक आरामदायक हो कवच जैसी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, आपात स्थिति के लिए टॉक-बैक सिस्टम उच्च स्वच्छता मानकों के लिए आधुनिक कीटाणुनाशक तकनीक पर आधारित होगा।


कुल मिलाकर, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। भले ही इसमें RAC और वेटिंग लिस्ट जैसी सुविधाएं न हों और किराया थोड़ा ज्यादा हो, लेकिन हाई-स्पीड, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर यात्रा अनुभव इसे खास बनाते हैं। आने वाले समय में यह ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों की पसंद बन सकती है।