निर्मला सीतारमण ने इससे पहले फरवरी 2024 में अंतरिम बजट और 2025 में मोदी 3.0 सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश किया था। बजट 2026 के साथ वह पूर्व प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी, जिन्होंने कुल 10 बार केंद्रीय बजट पेश किया था। हालांकि मोरारजी देसाई ने यह उपलब्धि अलग-अलग कार्यकाल में हासिल की थी, जबकि निर्मला सीतारमण एक ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार नौ बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री होंगी।
मध्यम वर्ग और अर्थव्यवस्था पर रहेगी नजर
बजट 2026 से देश की जनता को खास उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि सरकार आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखने के साथ-साथ मध्यम वर्ग को राहत देने पर विशेष ध्यान दे सकती है। बढ़ती महंगाई और टैक्स के बोझ से आम लोगों का घरेलू बजट दबाव में है। ऐसे में आयकर छूट, स्टैंडर्ड डिडक्शन और महंगाई से राहत देने वाले प्रावधानों की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी अहम घोषणाएं संभव हैं।
1 फरवरी को ही क्यों पेश होता है बजट?
भारत में पहले केंद्रीय बजट 28 फरवरी को पेश किया जाता था। यह परंपरा ब्रिटिश शासनकाल से चली आ रही थी। उस समय बजट शाम 5 बजे इसलिए पेश किया जाता था ताकि इसकी जानकारी लंदन के कामकाजी समय में पहुंच सके।
लेकिन 2017 में मोदी सरकार ने इस परंपरा को बदल दिया। बजट की तारीख 28 फरवरी से बदलकर 1 फरवरी कर दी गई। इसका मकसद यह था कि संसद से बजट को समय पर मंजूरी मिल सके और नई योजनाएं 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के साथ ही लागू की जा सकें। पहले बजट देर से पास होने के कारण योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो जाती थी।
बजट पेश करने के समय में भी हुआ बदलाव
बजट पेश करने के समय में बदलाव 1999 में हुआ। तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बजट भाषण का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया। तब से लेकर आज तक बजट सुबह 11 बजे ही पेश किया जाता है।
भारत का पहला बजट और ऐतिहासिक सफर
भारत का पहला केंद्रीय बजट 26 नवंबर 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। आजादी के बाद से अब तक बजट केवल आर्थिक दस्तावेज ही नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं का आईना बन चुका है।
सबसे ज्यादा बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री
मोरारजी देसाई: 10 बजट (1959–1964 और 1967–1969)
पी. चिदंबरम: 9 बजट
प्रणब मुखर्जी: 8 बजट
इसके अलावा, डॉ. मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री रहते हुए 1991 से 1995 के बीच लगातार 5 बजट पेश किए। 1991 का बजट भारत में आर्थिक सुधारों की शुरुआत के लिए ऐतिहासिक माना जाता है।
बजट भाषण से जुड़े रिकॉर्ड
सबसे लंबा बजट भाषण: 1 फरवरी 2020 को निर्मला सीतारमण का भाषण, जो 2 घंटे 40 मिनट चला।
सबसे छोटा बजट भाषण: 1977 में हिरुभाई मुलजीभाई पटेल द्वारा पेश किया गया 800 शब्दों का अंतरिम बजट।
कुल मिलाकर, बजट 2026 न केवल आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि राजनीतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है।