ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

Bihar Teacher News :बहाना बनाकर बार बार ले रहे मेडिकल लीव तो हो जाइए सावधान, छुट्टी को लेकर जारी हुआ नया नियम; जानिए क्या है बदलाव

Bihar Teacher News: शिक्षक अब मनमाने ढंग से छुट्टी नहीं ले सकेंगे। इनकी छुट्टी को लेकर पहली बार सख्त नियम जारी किए गए हैं। इसके साथ ही मेडिकल लीव को लेकर भी नए नियम लाए गए हैं ...

Bihar Teacher News
Bihar Teacher News
© file photo
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar Teacher News : सूबे के शिक्षकों के लिए यह काफी काम की खबर है। अब विश्वविद्यालय और कॉलेज के शिक्षक छुट्टी को अपने अधिकार के रूप में दावा नहीं कर पाएंगे। बल्कि जब सेवा की अनिवार्यता होगी तो सक्षम प्राधिकारी के पास किसी भी प्रकार की छुट्टी को अस्वीकार करने या रद्द करने का अधिकार होगा। हालांकि, शिक्षक को अनुशासनात्मक कारणों को छोड़कर छुट्टी पर जाने से रोका नहीं जाएगा।


वहीं, विशेष रूप से बार-बार मेडिकल लीव के नाम पर छुट्टी लेने वाले शिक्षकों पर सख्ती की जाएगी। यदि कोई शिक्षक बार-बार बीमारी का हवाला देकर छुट्टी लेता है, तो उसे मेडिकल जांच के लिए अधिकृत चिकित्सा प्राधिकारी के पास भेजा जाएगा। इसके आधार पर यह तय होगा कि शिक्षक को आराम की आवश्यकता है या वह ड्यूटी के लिए फिट है।


इसके साथ ही साथ चिकित्सा आधार पर छुट्टी के लिए पंजीकृत चिकित्सा अधिकारी का मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। सर्टिफिकेट में बीमारी का विवरण और संभावित अवधि का उल्लेख जरूरी होगा। यह सर्टिफिकेट केवल एमबीबीएस या इसके समकक्ष योग्यता वाले डॉक्टर द्वारा जारी किया जाना चाहिए। चिकित्सा आधार पर छुट्टी पूरी करने के बाद शिक्षक को अपनी फिटनेस का प्रमाणपत्र जमा करना होगा। यदि शिक्षक स्वीकृत अवकाश के बाद तय समय पर ड्यूटी पर नहीं लौटता, तो इसे "ओवरस्टे" माना जाएगा। इस स्थिति में छुट्टी वेतन अस्वीकार किया जा सकता है और इसे कदाचार माना जाएगा, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी इसे माफ न करे दें। 


वहीं, नए दिशा-निर्देशों के अनुसार शिक्षकों को छुट्टी केवल उनके अनुरोध पर दी जाएगी। सक्षम प्राधिकारी शिक्षक की सहमति के बिना भी छुट्टी को मंजूर कर सकता है लेकिन छुट्टी की प्रकृति में बदलाव नहीं करेगा। छुट्टी के दौरान शिक्षक किसी अन्य रोजगार, व्यापार, या व्यवसाय में शामिल नहीं हो सकता, चाहे वह पूर्णकालिक हो या अंशकालिक। हालांकि, आकस्मिक प्रकृति की सार्वजनिक सेवा या विशेष परिस्थितियों में यह छूट दी गई है।


आपको बताते चलें कि, यूजीसी ने यूजीसी रेगुलेशन 2025 के मसौदे में पहली बार छुट्टी से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत शिक्षकों के लिए पांच सामान्य कर्तव्यों का निर्धारण भी किया गया है। यूजीसी के इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य शिक्षकों की छुट्टी से संबंधित प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है। शिक्षक अब इन नियमों में बंधे होंगे औऱ मनमने ढंग से छुट्टी नहीं ले सकेंगे।