1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 08 Jan 2026 12:48:12 PM IST
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Tejashwi Yadav news : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद लंबे समय तक सार्वजनिक गतिविधियों से दूर रहे नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव अब भारत लौट चुके हैं। विदेश में क्रिसमस और नए साल का अवकाश बिताने के बाद तेजस्वी यादव ने उत्तराखंड का रुख किया, जहां उन्होंने अपने करीबी सहयोगी शारिक़ुल बारी की शादी में शिरकत की। यह शादी 7 जनवरी को उत्तराखंड के प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट क्षेत्र में संपन्न हुई।

शारिक़ुल बारी को तेजस्वी यादव की कोर टीम का अहम सदस्य माना जाता है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह लगातार तेजस्वी के साथ नजर आए थे और पार्टी की रणनीति में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनकी शादी में तेजस्वी यादव की मौजूदगी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह बढ़ा दिया है।
इस समारोह में तेजस्वी यादव के साथ आरजेडी सांसद संजय यादव, उनके करीबी सहयोगी रमीज नेमत खान, आरजेडी विधायक ओसामा साहब, एमएलसी कारी शोएब, पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव और वरिष्ठ नेता भोला यादव भी उपस्थित थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस शादी में शामिल सभी नेताओं ने व्यक्तिगत और राजनीतिक स्तर पर एक-दूसरे से विचार-विमर्श किया।

बिहार चुनाव नतीजों के बाद तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए थे। उनके लंबित सत्र में गैर-मौजूद रहने को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। कुछ अटकलें यह भी थीं कि चुनाव हार के बाद नेता प्रतिपक्ष पार्टी के आंतरिक मामलों को लेकर रणनीति बनाने में लगे हुए हैं। तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा और उसमें सार्वजनिक उपस्थिति न होना भी इसी रणनीतिक विश्लेषण का हिस्सा माना जा रहा था।
अब तेजस्वी यादव के भारत लौटने के बाद पार्टी में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, वह 9 जनवरी को पटना लौट सकते हैं। पटना पहुंचने के बाद तेजस्वी यादव पार्टी की नई रणनीति और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को गति देंगे। उनका पहला एजेंडा पार्टी को नए साल में फिर से सक्रिय करना और राज्य में जनसंपर्क अभियान को तेज करना होगा।

बिहार के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि तेजस्वी यादव की वापसी सिर्फ पारिवारिक समारोह तक सीमित नहीं रहेगी। वह राज्य में पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए जनसंपर्क अभियान, राजनीतिक रैलियां, और सरकारी नीतियों पर प्रतिक्रिया जैसी गतिविधियों में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। उनका यह कदम चुनाव हारने के बाद पार्टी को नई दिशा देने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि तेजस्वी यादव पार्टी के युवा और पुराने नेताओं के बीच तालमेल स्थापित करने और उन्हें सक्रिय करने की दिशा में भी कदम उठाएंगे। उनका यह रणनीतिक रुख आरजेडी को आगामी विधानसभा सत्रों और स्थानीय चुनावों में मजबूत स्थिति में रखने का प्रयास माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, तेजस्वी यादव की भारत वापसी और शारिक़ुल बारी की शादी में शामिल होना न केवल पारिवारिक खुशी का अवसर रहा, बल्कि यह पार्टी के लिए राजनीतिक संदेश भी बन गया। अब सभी की निगाहें इस पर टिक गई हैं कि नेता प्रतिपक्ष नए साल में पूरी तरह सक्रिय राजनीति में लौटते हुए आरजेडी को किस दिशा में लेकर जाते हैं।