Tejashwi Yadav Bail : राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav गुरुवार को पटना स्थित सिविल कोर्ट पहुंचे, जहां एमपी-एमएलए कोर्ट में दर्ज एक पुराने धरना-प्रदर्शन मामले में उनकी पेशी हुई। कोर्ट में पेश होने के बाद अदालत ने उन्हें तत्काल जमानत दे दी। इस दौरान कोर्ट परिसर में राजद समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भी काफी भीड़ देखने को मिली।
बताया जा रहा है कि यह मामला कोरोना काल के दौरान हुए एक धरना-प्रदर्शन से जुड़ा है। उस समय विपक्ष की ओर से सरकार और प्रशासन के खिलाफ विभिन्न जन समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया गया था। इसी प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं पर मामला दर्ज किया गया था। गुरुवार को इसी मामले में उन्हें कोर्ट में पेश होना था।
कोर्ट से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि यह मामला पूरी तरह धरना-प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर उन्होंने और उनके साथियों ने आवाज उठाई थी, जिसके कारण प्रशासन ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मुद्दों को उठाना विपक्ष का काम है और वे आगे भी इसे जारी रखेंगे।
तेजस्वी यादव ने कहा, “हम लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया था। इसी मामले में हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। आज कोर्ट में पेशी थी और अदालत ने हमें जमानत दे दी है। कोर्ट और न्यायपालिका पर हमारी आस्था पहले भी रही है और आगे भी रहेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष हमेशा जनता की समस्याओं को उठाता रहा है और सरकार को घेरने का काम करता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर भविष्य में भी जनता से जुड़े मुद्दे सामने आएंगे तो वे उसी तरह आंदोलन और प्रदर्शन करेंगे। तेजस्वी यादव ने कहा, “सरकार को जब भी घेरना होगा, इसी तरीके से घेरेंगे। जनता की आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कोरोना काल की परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय बिहार समेत पूरे देश में हालात बेहद खराब थे। बड़ी संख्या में मजदूर दूसरे राज्यों से पैदल अपने घर लौट रहे थे। परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं थी और आम लोग परेशान थे। ऐसे समय में विपक्ष की जिम्मेदारी थी कि वह जनता की समस्याओं को सरकार के सामने रखे।
राजद नेताओं का कहना है कि उस समय सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया था, लेकिन प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया। वहीं, विरोधी दल इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर निशाना साधते रहे हैं।
तेजस्वी यादव की पेशी और जमानत को लेकर पूरे दिन राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी रही। कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी। बड़ी संख्या में समर्थक उनके समर्थन में पहुंचे थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन का दौर और तेज हो सकता है। विपक्ष लगातार बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था और अन्य जन समस्याओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं तेजस्वी यादव ने भी साफ संकेत दे दिए हैं कि वे सरकार के खिलाफ अपने आंदोलनात्मक रुख को आगे भी जारी रखेंगे।




