1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 22, 2025, 10:29:27 AM
सुब्रमण्यम स्वामी - फ़ोटो रिपोर्टर
Swamy In Patna: पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरुवार, 22 मई 2025 को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
पाकिस्तान और युद्धविराम पर सवाल
सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि जब पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार करने की जरूरत थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर युद्धविराम क्यों कर लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "लगता है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति से डरते हैं। जब पाकिस्तान की पिटाई होनी चाहिए थी, तब ट्रंप के कहने पर युद्धविराम क्यों कर लिया गया?"
स्वामी ने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम उन्होंने कराया है, जिससे भारत की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री को इस मामले पर देश के सामने स्पष्ट सफाई देनी चाहिए।
आतंकवाद पर डेलिगेशन को लेकर आलोचना
जब स्वामी से पूछा गया कि केंद्र सरकार ने आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा के लिए विश्व के अलग-अलग देशों में डेलिगेशन भेजा है, तो उन्होंने इसे बेकार करार दिया। उन्होंने कहा, "इससे कुछ होने वाला नहीं है। ये लोग मौज करने गए हैं। डेलिगेशन में एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो इस मामले का जानकार हो।"
उन्होंने कांग्रेस नेता शशि थरूर को अमेरिका भेजे जाने पर भी सवाल उठाया और कहा, "शशि थरूर को अमेरिका क्यों भेजा गया? उन्होंने अपनी पत्नी की हत्या की है।" इसके अलावा वक्फ संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद पर भी स्वामी ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "जब संविधान लागू हुआ, तो वह सभी के लिए समान है। मुसलमानों को भी इसे स्वीकार करना चाहिए। संविधान के दायरे में सभी को समान अधिकार और कर्तव्य निभाने होंगे।"
सुब्रमण्यम स्वामी की मांग
स्वामी ने अपनी बात को समेटते हुए कहा कि सरकार को अपनी नीतियों और फैसलों पर पारदर्शिता बरतनी चाहिए। खास तौर पर पाकिस्तान के साथ युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति को लेकर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।
प्रेम राज की रिपोर्ट