Bihar political news :“हिरण का चोला पहनकर भेड़िया” की तरह काम कर रही जेडीयू, राजद MLC ने कहा - जिस कंपनी का सालाना टर्नओवर 27 करोड़ उससे लिया 24 करोड़ रुपये का चंदा

राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने जेडीयू पर 1000 करोड़ से अधिक वसूली और कंपनियों से भारी चंदा लेने का आरोप लगाया। स्मार्ट मीटर और ट्रांसफर-पोस्टिंग पर भी उठाए सवाल।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 27, 2026, 10:46:33 AM

Bihar political news :“हिरण का चोला पहनकर भेड़िया” की तरह काम कर रही जेडीयू, राजद MLC ने कहा - जिस कंपनी का सालाना टर्नओवर 27 करोड़ उससे लिया 24 करोड़ रुपये का चंदा

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Bihar political news : बिहार में इन दिनों फिर से शराबबंदी कानून को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। इसका एक घटनाक्रम कल विधान परिषद में भी देखने को मिला जब राजद के एमएलसी सुनील सिंह और जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार के बीच भी देखने को मिला जब एक दूसरे पर दोनों ने जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाया। इसी कड़ी में अब एक बार फिर सुनील कुमार सिंह ने जेडीयू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य की सत्ताधारी पार्टी से बड़ा कोई भ्रष्टाचारी दल नहीं है। 


उन्होंने दावा किया कि जेडीयू ने वर्षों तक अलग-अलग कंपनियों से भारी-भरकम चंदा लिया और अब दूसरों पर आरोप लगाकर खुद को पाक-साफ दिखाने की कोशिश कर रही है। उनका यह बयान जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार द्वारा शराब कंपनियों को लेकर राजद पर लगाए गए आरोपों के जवाब में सामने आया है।


राजद एमएलसी नेदस्तावेज दिखाते हुए कहा कि जेडीयू ने ‘किंग महेंद्र’ नामक कंपनी से पांच वर्षों तक इलेक्ट्रोल बॉन्ड के जरिए धन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए जेडीयू ने कॉरपोरेट कंपनियों से आर्थिक लाभ उठाया और अब नैतिकता की बात कर रही है। सुनील कुमार सिंह ने कहा कि अगर किसी भी दल को चंदा मिला है तो उसका पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए, लेकिन जेडीयू इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखा रही है।


उन्होंने एक अन्य कंपनी ‘ए2 बीएस इंफ्रास्ट्रक्चर’ का जिक्र करते हुए कहा कि जिसका सालाना टर्नओवर करीब 27 करोड़ रुपये है, उसने जेडीयू को 24 करोड़ रुपये का चंदा दिया। सुनील सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी कम आमदनी वाली कंपनी इतनी बड़ी रकम कैसे दान कर सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस कंपनी की संपत्ति 10 हजार रुपये से अधिक नहीं है, उससे भी करोड़ों रुपये का चंदा लिया गया।


राजद नेता ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर करोड़ों रुपये की उगाही की गई है और आम जनता पर आर्थिक बोझ डाला गया है। उनका आरोप है कि सरकार “हिरण का चोला पहनकर भेड़िया” की तरह काम कर रही है—ऊपर से पारदर्शिता और सुशासन की बात, लेकिन अंदरखाने आर्थिक लेन-देन और दबाव की राजनीति।


सुनील कुमार सिंह ने दावा किया कि राजद द्वारा लिया गया हर चंदा पार्टी के आधिकारिक खाते में दर्ज है और चुनाव आयोग के नियमों के तहत घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि जेडीयू को भी अपने सभी चंदों और इलेक्ट्रोल बॉन्ड से प्राप्त रकम का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए।


उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जेडीयू ने ढाई सौ करोड़ रुपये से अधिक “सफेद धन” के रूप में लिया है, जबकि “कच्ची राशि” के तौर पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने जिन दस्तावेजों का हवाला दिया, उनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।


राजद एमएलसी ने राज्य में तबादला-पोस्टिंग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिहार में बिना पैसे के तबादला संभव नहीं है और हर स्तर पर धन लिया जाता है। उनके अनुसार, यह व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्टाचार से ग्रस्त हो चुकी है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जेडीयू की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले इस तरह के बयानबाजी और दस्तावेजी दावों से सियासी तापमान और बढ़ सकता है।