ब्रेकिंग
बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, पटना में 195 दारोगा का तबादला; शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण इलाके के 112 पुलिसकर्मी बदले, देखें पूरी लिस्ट..✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP✦बिहार विधान परिषद में बहाली में बड़ा खेल करके गये अवधेश बाबू! जांच में सनसनीखेज खुलासा, बड़े पैमाने पर रद्द हो सकती है नियुक्ति✦बिहार के रेल यात्रियों को राहत, पूर्व मध्य रेलवे ने 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया परिचालन, देखें पूरा शेड्यूल✦भ्रष्ट इंजीनियर पर SVU का शिकंजा: 5 ठिकानों पर छापेमारी में मिले 31.42 लाख कैश, करोड़ों की जमीन-फ्लैट; 1 करोड़ से अधिक बैंक बैलेंस✦बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, पटना में 195 दारोगा का तबादला; शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण इलाके के 112 पुलिसकर्मी बदले, देखें पूरी लिस्ट..✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP✦बिहार विधान परिषद में बहाली में बड़ा खेल करके गये अवधेश बाबू! जांच में सनसनीखेज खुलासा, बड़े पैमाने पर रद्द हो सकती है नियुक्ति✦बिहार के रेल यात्रियों को राहत, पूर्व मध्य रेलवे ने 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया परिचालन, देखें पूरा शेड्यूल✦भ्रष्ट इंजीनियर पर SVU का शिकंजा: 5 ठिकानों पर छापेमारी में मिले 31.42 लाख कैश, करोड़ों की जमीन-फ्लैट; 1 करोड़ से अधिक बैंक बैलेंस

सृजन घोटाला : दो बैंक मैनेजर की हुई गिरफ्तारी, सीबीआई का एक्शन

PATNA : सीबीआई की एक विशेष अदालत ने सोमवार को दो तत्कालीन बैंक प्रबंधक शंकर दास और अर्जुन दास को गिरफ्तार कर लिया है। मामला भागलपुर में हुए करोड़ों रुपए के सृजन घोटाले का है। दोनों

सृजन घोटाला : दो बैंक मैनेजर की हुई गिरफ्तारी, सीबीआई का एक्शन
First Bihar
2 मिनट

PATNA : सीबीआई की एक विशेष अदालत ने सोमवार को दो तत्कालीन बैंक प्रबंधक शंकर दास और अर्जुन दास को गिरफ्तार कर लिया है। मामला भागलपुर में हुए करोड़ों रुपए के सृजन घोटाले का है। दोनों को हिरासत में लेकर उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। गिरफ्तार दोनों प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा के हैं। अदालत ने 18 नवंबर 2022 तक के लिए दोनों को जेल भेजने का आदेश दिया है। 




दरअसल, भागलपुर के महिला सशक्तीकरण और सुदृढ़ीकरण की अलग-अलग सरकारी योजनाओं की करोड़ों रुपयों की राशि के एक आपराधिक षड्यंत्र के तहत बैंक कर्मियों की मिलीभगत से सृजन नाम के स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से धोखाधड़ी किया गया था। प्रस्तुत मामले में भागलपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी केपी रमैया के हस्ताक्षर से आरबीआई की परमिशन लिए बिना बैंक खाते खोले गए और फिर उन खातों के माध्यम से सृजन संस्था के खाते में करोड़ों रुपयों का हेरफेर किया गया। 




सीबीआई ने इस मामले की प्राथमिकी 14 ए/2017 के रूप में दर्ज करने के बाद 28 लोगों के खिलाफ 18 मार्च 2020 को आरोप पत्र दायर किया था। समन के बाद भी रमैया समेत 10 लोग अदालत में हाजिर नहीं हुए, जिसके बाद इन सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। फिलहाल केपी रमैया समेत आठ लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। ईडी भी अपने स्तर पर जांच कर रहा है। 

टैग्स