1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 16, 2026, 3:15:25 PM
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Bihar Education News: बिहार के सीतामढ़ी जिले में सरकारी विद्यालयों में छात्रों के नामांकन में लगातार हो रही गिरावट को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 की तुलना में 2025-26 में सौ से अधिक छात्रों का नामांकन कम पाए जाने पर जिले के 119 सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को पटना तलब किया गया है। इस गंभीर स्थिति पर भारत सरकार ने भी चिंता जताई है।
यू-डायस 2025-26 के अंतिमीकरण के दौरान किए गए विश्लेषण में यह सामने आया है कि कई विद्यालयों में नामांकन में असामान्य गिरावट दर्ज की गई है, जिसे शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत माना जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को 16 जनवरी को कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियदर्शी सौरभ द्वारा जारी पत्र के अनुसार, जिन विद्यालयों में पिछले सत्र की तुलना में सौ से अधिक छात्रों का नामांकन घटा है, वहां की स्थिति बेहद गंभीर है। सभी चिन्हित प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे विगत दो वर्षों के नामांकन पंजी और छात्र उपस्थिति रजिस्टर के साथ निर्धारित तिथि पर पटना पहुंचें।
जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 119 विद्यालयों को चिन्हित किया गया है। इनमें बैरगनिया से 6, बथनाहा से 6, बाजपट्टी से 8, बेलसंड से 4, बोखड़ा से 7, चोरौत से 2, डुमरा से 9, मेजरगंज से 7, नानपुर से 6, परिहार से 10, परसौनी से 3, पुपरी से 6, रीगा से 12, सैदपुर से 11, सोनबरसा से 11, सुप्पी से 4 और सुरसंड से 5 विद्यालय शामिल हैं।
इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि बैठक के बाद नामांकन बढ़ाने को लेकर ठोस रणनीति तैयार की जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।