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शराबबंदी के बावजूद बिहार में 10 लाख से ज्यादा पियक्कड़, सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक भांग खाने वालों की तादाद तेजी से बढ़ी

PATNA : बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शराबबंदी अभियान की पोल सरकारी रिपोर्ट के आंकड़े खोल रहे हैं. बिहार में शराबबंदी के बावजूद यहां पियक्कड़ों की तादाद कम नहीं हो रही ह

शराबबंदी के बावजूद बिहार में 10 लाख से ज्यादा पियक्कड़, सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक भांग खाने वालों की तादाद तेजी से बढ़ी
First Bihar
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PATNA : बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शराबबंदी अभियान की पोल सरकारी रिपोर्ट के आंकड़े खोल रहे हैं. बिहार में शराबबंदी के बावजूद यहां पियक्कड़ों की तादाद कम नहीं हो रही है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की तरफ से एक सर्वे कराया गया जिसके मुताबिक बिहार में 10 लाख से ज्यादा शराब पीने वाले लोग हैं. हालांकि इस रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. राज्य के अंदर भांग का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है. 


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर की तरफ से तैयार इस सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार में लगभग 11 लाख लोग भांग का इस्तेमाल कर रहे हैं. जबकि 10 लाख लोग अभी भी शराबी हैं. शराबियों की संख्या में 55,000 महिलाएं भी शामिल हैं. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से भारत में पदार्थ के उपयोग का विस्तार और प्रतिमान पर आधारित एक नेशनल सर्वे कराया गया था जिसमें यह खुलासा हुआ है.


इस सर्वे में बिहार को लेकर जो तथ्य सामने आए हैं उसके मुताबिक अफीम एडिक्ट लोगों की संख्या तकरीबन एक लाख है और दूसरे तरह का नशा करने वाले लोगों की तादाद लगभग एक लाख तीस हजार है. बिहार में इन्हेलेंट्स के एडिक्शन का मामला भी तेजी के साथ बड़ा है.


आपको बता दें कि बिहार में साल 2016 के अंदर शराब बंदी लागू की गई थी. नीतीश कुमार ने बिहार को ड्राई स्टेट घोषित किया था. इसके बावजूद अब तक बिहार में शराब पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है. शराबबंदी के बावजूद शराब का बड़ा-बड़ा स्टॉक पकड़ा जा रहा है और अब इस सरकारी सर्वे ने राज्य में शराबबंदी की असलियत खोलकर रख दी है. 

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