ब्रेकिंग
लेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशलेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेश

मुंडेश्वरी कॉलेज फॉर टीचर एजुकेशन में सेमिनार, डॉ. मोहम्मद शरीफ ने दी विस्तृत जानकारी

PATNA: 8 मई 2025 को मुंडेश्वरी कॉलेज फॉर टीचर एजुकेशन, दानापुर, पटना के सेमिनार हॉल में एक शैक्षणिक सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस सेमिनार का विषय था..“इंटेलेक्चुअल प

bihar
सेमिनार का आयोजन
© google
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: 8 मई 2025 को मुंडेश्वरी कॉलेज फॉर टीचर एजुकेशन, दानापुर, पटना के सेमिनार हॉल में एक शैक्षणिक सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस सेमिनार का विषय था..“इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स एंड पेटेंट एंड डिजाइन फाइलिंग”, जिसका उद्देश्य शिक्षण सत्र 2024–25 के बी.एड. प्रशिक्षुओं को बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व और उनके व्यावहारिक पहलुओं के प्रति जागरूक करना था।


इस विशेष अवसर पर सेमिनार के मुख्य व्याख्याता के रूप में पटना लॉ कॉलेज, पटना के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) मोहम्मद शरीफ उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), पेटेंट प्रक्रिया, डिजाइन रजिस्ट्रेशन, और इससे संबंधित कानूनी एवं व्यावसायिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे रचनात्मक विचारों को सुरक्षित कर उन्हें नवाचार और उद्यमिता में बदला जा सकता है।


सेमिनार की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. कुमारी सुनीता सिंह ने की। साथ ही, IQAC समन्वयक श्रीमती कुमारी शशि सिंह, संकाय सदस्यगण और बी.एड. सत्र 2024–25 के सभी प्रशिक्षु इस सेमिनार में मौजूद रहे। प्रशिक्षुओं ने विषय में गहरी रुचि दिखाई और कई सवाल पूछे, जिनका डॉ. शरीफ ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ उत्तर दिया। 


यह सेमिनार न केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण से लाभकारी रहा, बल्कि प्रशिक्षुओं को विधिक जागरूकता और रचनात्मकता की सुरक्षा से जुड़ी बारीकियों को समझने का भी अवसर मिला। इस कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों को बौद्धिक संपदा के महत्व को समझने, उसे पहचानने और सुरक्षित रखने की दिशा में एक नई सोच प्रदान की।

मुंडेश्वरी कॉलेज फॉर टीचर एजुकेशन में सेमिनार, डॉ. मोहम्मद शरीफ ने दी विस्तृत जानकारी

टैग्स

संबंधित खबरें