पटना: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के कामकाज और आने वाले दिनों की योजनाओं को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कई बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस अब सिर्फ सुशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर भी है।
एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान संजय सरावगी ने कहा कि बिहार में एनडीए के पांचों दल मिलकर सरकार चला रहे हैं। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुए सुशासन के बाद अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य को समृद्धि की दिशा में आगे ले जाने पर जोर दिया जा रहा है।
बिहार की GDP 13 लाख करोड़ के पार पहुंचने का दावा
संजय सरावगी ने बिहार की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान राज्य की जीडीपी 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। उन्होंने बिहार की आर्थिक वृद्धि दर 14.9 प्रतिशत बताई और कहा कि यह देश की औसत वृद्धि दर से बेहतर है।
उन्होंने प्रति व्यक्ति आय का आंकड़ा भी सामने रखा। सरावगी के मुताबिक बिहार में प्रति व्यक्ति आय अब करीब 74 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जबकि वर्ष 2005 में यह लगभग 7 हजार रुपये थी। गरीबी के मुद्दे पर भी उन्होंने दावा किया कि देश में करीब 25 करोड़ लोग और बिहार में लगभग 4 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं।
सबसे बड़ा दावा- 1 करोड़ रोजगार के अवसर
रोजगार को लेकर संजय सरावगी ने बड़ा लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिहार में 1 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि रोजगार के साथ-साथ सरकार का उद्देश्य युवाओं के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और नए अवसरों का विस्तार करना है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
हर महीने लगेगा सहयोग शिविर, शिकायतों पर भी नजर
सरावगी ने सरकार की शिकायत निवारण व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोग अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।उनके अनुसार, शिकायतों के समाधान के लिए 30 दिन की समयसीमा तय की गई है। उन्होंने दावा किया कि यदि कोई अधिकारी 21 दिन के भीतर शिकायत का समाधान नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।उन्होंने यह भी बताया कि यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं है तो मुख्यमंत्री स्तर पर उसकी दोबारा सुनवाई की व्यवस्था की गई है।
रात में भी बच्चों की पढ़ाई की समस्या का समाधान
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने हर प्रखंड में विद्या निकेतन शुरू किए जाने की बात कही। उनके मुताबिक, यहां बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है।उन्होंने दावा किया कि रात 11 से 12 बजे तक भी विद्यार्थियों को शिक्षकों से ऑनलाइन मदद मिल सकती है। इससे दूर-दराज के इलाकों के छात्रों को भी पढ़ाई में सहायता मिलने का दावा किया गया है।
221 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज का दावा
सरावगी ने कहा कि बिहार के 321 प्रखंडों में से 221 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी काम किया गया है।छात्रों और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग शिकायत पोर्टल शुरू किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।
13 ग्रीन फील्ड सिटी बनाने की योजना
बिहार में शहरीकरण और नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 13 ग्रीन फील्ड सिटी विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया गया। इनमें मिथिला, पाटलिपुत्र और अंग जैसे नाम शामिल हैं। सरावगी के मुताबिक, इन परियोजनाओं के जरिए बिहार में नए शहरी केंद्र विकसित करने और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से आधारभूत ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
कानून व्यवस्था पर भी सरकार का फोकस
कानून व्यवस्था के सवाल पर संजय सरावगी ने कहा कि पुलिस विभाग की ओर से हाल ही में अपराध और कानून व्यवस्था से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास के साथ-साथ राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना भी है।
कुल मिलाकर, संजय सरावगी के बयान में रोजगार, शिक्षा, शिकायत निवारण, आर्थिक विकास और शहरीकरण को सरकार की प्राथमिकताओं के तौर पर सामने रखा गया। हालांकि, रोजगार के 1 करोड़ अवसर और अन्य योजनाओं से जुड़े आंकड़े उनके द्वारा बताए गए सरकारी दावों पर आधारित हैं, जिनका वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में योजनाओं के क्रियान्वयन से स्पष्ट होगा।





