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रेरा बिहार ने बिल्डरों को दी सख्त चेतावनी: अब अधूरे दस्तावेज़ पर नहीं होगा प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन

रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने बिल्डरों से पूर्ण दस्तावेज़ के साथ आवेदन करने की अपील की। कार्यशाला में नई प्रक्रिया और नियमों की जानकारी दी गई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 23, 2026, 8:46:55 PM

बिहार न्यूज

रेरा बिहार की सख्ती - फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA: भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा), बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने बिल्डरों से आग्रह किया है कि वे अपने परियोजनाओं के निबंधन हेतु सभी वांछित दस्तावेज़ एवं सूचनाएं अपने आवेदन के साथ जमा करें ताकि उनके परियोजनाओं को कम से कम समय में निबंधित किया जा सके। उन्होंने इस बिंदु को प्राधिकरण द्वारा आयोजित एक संवेदीकरण कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कही जिसमे नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, रेरा बिहार के वरिष्ठ अधिकारीगण  सहित बिल्डरों ने भारी संख्या में भाग लिया।


इस मौके पर रेरा बिहार के अध्यक्ष ने कहा कि “अन्य बड़े राज्यों की तुलना में बिहार में निबंधित होने वाली परियोजनाओं की संख्या काफी कम है और प्राधिकरण द्वारा अनेक मौका दिए जाने की बावजूद पिछले कुछ महीनों में करीब एक सौ आवेदन रद्द करने पड़े क्योंकि बिल्डर वांछित दस्तवेज़ उपलब्ध नहीं करा पाए। इस समस्या के समाधान हेतु प्राधिकरण ने अब फ़िल्टर सिस्टम लागू किया है ताकि बिल्डरों को आवेदन भरते समय ही कमियों का पता चल जाए और सभी दस्तवेज़ एवं सूचनाएं उलपब्ध होने पर ही वे आवेदन भर सकें।“ 


इस कार्यशाला में बिल्डरों को नए आवेदन प्रक्रिया के विषय में भी काफी विस्तार से बताया गया और पीछे के अनुभवों के आधार पर उन्हें उन प्रमुख कमिओं के विषय से भी अवगत कराया गया जिनके कारण आवेदन रद्द हुए। श्री सिंह ने इस बात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि बिल्डरों को रेरा बिहार द्वारा काउंसलिंग की सुविधा भी दी जा रही है जिसके माध्यम से उन्हें जमा किये जाने वाले दस्तावेजों एवं सूचनाओं के विषय में विस्तार से अवगत कराया जाता है ताकि वे उन कमियों को आसानी से पूरा कर सकें। “प्राधिकरण ने यह पाया है की काउंसलिंग के लिए बुलाये जाने के  बावजूद करीब-करीब आधे मामलों में बिल्डर उपस्थित नहीं होते हैं । यह एक गंभीर चिंता का विषय है।


कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त करते हुए मुक्ष्य अतिथि एवं नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार ने रेरा बिहार किये जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि नियोजित शहरीकरण एवं भू-सम्पदा प्रक्षेत्र के विकास पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान है एवं आने वाले कुछ महीनों में  में इस दिशा में अनके कदम उठाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि, “एक तरफ जहाँ राज्य सरकार ने ग्यारह सॅटॅलाइट शहरों को बसाने हेतु घोषणा कर दी है वहीँ  दूसरी तरफ बिहार बिल्डिंग बाईलॉज़ में भी अनके परिवर्तन प्रस्तावित हैं ताकि भू-सम्पदा प्रक्षेत्र का त्वरित एवं नियोजित विकास हो सके।“


उन्होंने बताया कि एक प्रस्ताव मंतिमंडल के अनुमोदन हेतु भेजा गया है किसके अनुमोदन के पश्चात 16 मीटर तक ऊंचाई वाले व्यावसायिक परियोजनाओं के नक़्शे का अनुमोदन सूचीबद्ध आर्किटेक्ट कर सकेंगे। आने वाले एक माह के अन्दर इस प्रस्ताव के अनुमोदन की संभावना है। प्रधान सचिव ने यह भी बताया की अब प्रमोटर अपनी कंपनी का निबंधन नगर विकास एवं आवास विभाग में सालों भर करा सकेंगे और निबंधन के समय उनसे कोई दस्वेज़ भी नहीं माँगा जाएगा। “आज की कार्यशाला में आने से पहले एक बैठक में इस बात का फैसला हुआ और इसे आज ही से लागू कर दिया गया है।“


श्री कुमार ने यह भी बताया की नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन के तहत राज्य की सभी शहरी स्थानीय निकायों से सम्द्न्धित सूचनाएं एवं सुविधाओं को एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में रेरा जांच आयुक्त श्री संजय कुमार सिंह ने प्राधिकरण द्वारा उठाये गए विभिन्न कदमों के बारे में विस्तार से बतया और कहा कि ऐसे कदम, यथा – प्रमोटर एवं परियोजनाओं की रैंकिंग, सॅटॅलाइट आधारित चित्रों के आधार पर भू-सम्पदा परियोजनाओं का निरिक्षण, CPGRAMS में प्राप्त शिकायतों का रेरा बिहार द्वारा निष्पादन आदि – उठाने वाला रेरा बिहार पूरे देश का पहला प्राधिकरण है।


आगंतुक अतिथिओं का स्वागत प्राधिकरण के सचिव श्री अनिमेष पाण्डेय ने किया। कार्यशाला में क्रेडाई बिहार के अध्यक्ष श्री भावेश कुमार एवं बी ऐ आई बिहार के अध्यक्ष श्री मनीष कुमार ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये और बिल्डरों को प्रोजेक्ट्स के काम को शुरू करने आ रही कठिनाइओ की तरफ विभाग एवं प्राधिकरण के ध्यान आकृष्ट किया। कार्यक्रम में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया ही जिसमे बिल्डरों के प्रश्नों का उत्तर प्राधिकरण के अध्यक्ष, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारिओं ने दिया।