ब्रेकिंग
बिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूट

railway board orders : रेलवे स्टेशन पर न रुकने वाली ट्रेनों के लिए भी अनाउंसमेंट अनिवार्य, यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस

railway board orders : रेलवे बोर्ड ने छोटे और मध्यम स्टेशनों पर रन-थ्रू ट्रेनों के लिए पूर्व-रिकॉर्डेड सुरक्षा घोषणाएं अनिवार्य की हैं। यात्रियों से ट्रैक पार न करने, प्लेटफॉर्म किनारे न खड़े होने और फुट ओवर ब्रिज इस्तेमाल करने की अपील की जाएगी।

railway board orders : रेलवे स्टेशन पर न रुकने वाली ट्रेनों के लिए भी अनाउंसमेंट अनिवार्य, यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

railway board orders : रेलवे बोर्ड ने छोटे और मध्यम स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत अब उन स्टेशनों पर जहाँ तेज गति से गुजरने वाली ट्रेनें बिना ठहराव के आती हैं, वहां पूर्व-रिकॉर्डेड सुरक्षा घोषणाएं अनिवार्य होंगी। इन घोषणाओं का उद्देश्य यात्रियों को दुर्घटनाओं से बचाना और स्टेशन पर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाना है।


रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छोटे और मध्यम स्टेशनों पर रन-थ्रू यानी बिना ठहराव गुजरने वाली ट्रेनें दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रही हैं। अक्सर यात्री प्लेटफॉर्म किनारे खड़े रहते हैं या ट्रैक पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर यात्रियों को सतर्क करना जरूरी है। नए आदेश के अनुसार, सभी जोनल रेलवे अपने क्षेत्र में आवश्यकतानुसार ऐसे स्टेशनों का चयन करेंगे जहां सुरक्षा घोषणाएं अनिवार्य होंगी।


यह घोषणा देशभर के सभी जोनल रेलवे में एक समान रूप से लागू होगी। इन घोषणाओं को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में रिकॉर्ड किया जाएगा। यात्रियों से अपील की जाएगी कि वे रेलवे ट्रैक पार न करें, प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े न हों और प्लेटफॉर्म बदलने के लिए हमेशा फुट ओवर ब्रिज का उपयोग करें। इसके अलावा यात्रियों को ट्रेनों की गति और संभावित खतरों के बारे में भी सूचित किया जाएगा।


रेलवे बोर्ड ने यह भी कहा कि आवश्यक तकनीकी सहायता के लिए सिग्नल और टेलीकम्युनिकेशन विभाग से सहयोग लिया जा सकता है। इसके अलावा, यात्रियों से जुड़ी अन्य सूचनाओं की घोषणा करते समय भाषा और उच्चारण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य होगा, ताकि संदेश सभी यात्रियों तक स्पष्ट रूप से पहुंचे।


विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छोटे और मध्यम स्टेशनों पर दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने में मदद करेगी। रेलवे सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अक्सर यात्रियों की लापरवाही और जागरूकता की कमी दुर्घटनाओं का कारण बनती है। ऐसे में पूर्व-रिकॉर्डेड घोषणाओं के माध्यम से नियमित सतर्कता संदेश भेजने से यात्री सावधान रहेंगे और प्लेटफॉर्म पर खड़े होने या ट्रैक पार करने जैसी लापरवाही में कमी आएगी।


रेलवे बोर्ड की यह पहल विशेष रूप से उन स्टेशनों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां से कई ट्रेनें बिना रुकावट के गुजरती हैं। बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि वे स्टेशनों की स्थिति का आकलन करें और प्राथमिकता के आधार पर घोषणाओं की व्यवस्था करें। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक चरण में तकनीकी परीक्षण और रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।


रेलवे यात्रियों के लिए सुरक्षा सर्वोपरि है और बोर्ड का मानना है कि यह नई व्यवस्था स्टेशनों पर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगी। इससे न केवल दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी, बल्कि यात्रियों को ट्रेन यात्रा के दौरान उचित सुरक्षा नियमों का पालन करने की आदत भी होगी।


रेलवे बोर्ड के मुताबिक, भविष्य में और भी आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षा घोषणाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसमें डिजिटल स्क्रीन, मोबाइल एप और अन्य ऑडियो-वीडियो माध्यमों से यात्रियों तक चेतावनी संदेश पहुँचाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।


इस कदम से स्पष्ट होता है कि रेलवे बोर्ड यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। छोटे और मध्यम स्टेशनों पर यह नई व्यवस्था लागू होने से यात्रियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और प्लेटफॉर्म पर दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। बोर्ड का उद्देश्य है कि ट्रेन यात्रा न केवल तेज और सुविधाजनक हो, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित भी हो।