राहुल गांधी ने लखनऊ कोर्ट में किया सरेंडर, भारतीय सेना मानहानि मामले में मिली जमानत

भारतीय सेना पर कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर दर्ज मानहानि मामले में राहुल गांधी ने लखनऊ कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने 20,000 रुपये के मुचलके पर उन्हें जमानत दी। यह मामला भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए बयान से जुड़ा है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 15, 2025, 4:36:31 PM

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DESK: भारतीय सेना पर कथित अपमानजनक टिप्पणी मामले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को लखनऊ स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने उन्हें 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। यह मामला भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए एक विवादास्पद बयान से जुड़ा है।


पेशी के बाद मिली जमानत

राहुल गांधी ने एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) आलोक वर्मा की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सरेंडर किया और जमानत याचिका दाखिल की। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें राहत दी। बता दें कि राहुल गांधी इससे पहले पांच बार सुनवाई में अनुपस्थित रहे थे।


हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद सरेंडर

इससे पहले, राहुल गांधी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर मानहानि मामले और फरवरी 2025 में एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन आदेश को चुनौती दी थी। लेकिन मई 2025 में हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश होना पड़ा।


मामला क्या है?

यह मामला सेना के सम्मान से जुड़ी कथित टिप्पणी को लेकर है। सेना के पूर्व अधिकारी और सीमा सड़क संगठन (BRO) के पूर्व निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने राहुल गांधी के खिलाफ लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का परिवाद दर्ज कराया था।


बयान से मचा था विवाद

शिकायत के अनुसार, 16 दिसंबर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सेना के बीच हुई झड़प का संदर्भ देते हुए कहा था कि "लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में सवाल पूछते हैं, लेकिन कोई ये नहीं पूछता कि हमारे सैनिकों को चीनी सैनिकों ने पीटा क्यों?"  शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस टिप्पणी से भारतीय सेना का अपमान हुआ और यह राष्ट्र की सशस्त्र सेनाओं के प्रति जनता के विश्वास को आघात पहुँचाने वाली थी।


सेना का आधिकारिक बयान

राहुल गांधी के बयान के तुरंत बाद भारतीय सेना ने इस पर प्रतिक्रिया दी थी। सेना के अनुसार,"चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश का भारतीय सेना ने पूरी ताकत से जवाब दिया और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया गया।"सेना की इस प्रतिक्रिया ने स्पष्ट किया कि जवानों ने बहादुरी से मोर्चा लिया था।