ब्रेकिंग
मधुबनी में हाईटेंशन तार की चपेट में आए भाई-बहन, बहन की मौत; भाई की हालत गंभीरलघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता के चार ठिकानों पर SVU की रेड, आय से अधिक संपत्ति की जांचBihar Train Accident: रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आईं मां-बेटी, दोनों की मौके पर मौतस्कूल बस ने बाइक सवार युवक को कुचला, मौके पर मौत; गुस्साए लोगों ने बस में की तोड़फोड़, सड़क जामशिक्षकों के तबादले पर तेजस्वी यादव का सीएम सम्राट को पत्र, उर्दू-अरबी-फारसी शिक्षकों के मुद्दे पर उठाए सवाल; 8 मांगें रखींमधुबनी में हाईटेंशन तार की चपेट में आए भाई-बहन, बहन की मौत; भाई की हालत गंभीरलघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता के चार ठिकानों पर SVU की रेड, आय से अधिक संपत्ति की जांचBihar Train Accident: रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आईं मां-बेटी, दोनों की मौके पर मौतस्कूल बस ने बाइक सवार युवक को कुचला, मौके पर मौत; गुस्साए लोगों ने बस में की तोड़फोड़, सड़क जामशिक्षकों के तबादले पर तेजस्वी यादव का सीएम सम्राट को पत्र, उर्दू-अरबी-फारसी शिक्षकों के मुद्दे पर उठाए सवाल; 8 मांगें रखीं

Bihar Murder News : बिहार के 2 लोगों की हत्या करने वाला साइको किलर एनकाउंटर में ढेर, 26 घंटे में किए थे 3 कत्ल

बिहार और यूपी में दहशत फैलाने वाले साइको किलर गुरप्रीत सिंह का आखिरकार अंत हो गया। 26 घंटे में 3 लोगों की कनपटी पर गोली मारने वाले आरोपी को यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया।

Bihar Murder News : बिहार के 2 लोगों की हत्या करने वाला साइको किलर एनकाउंटर में ढेर, 26 घंटे में किए थे 3 कत्ल
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Murder News : उत्तर प्रदेश और बिहार में दहशत का दूसरा नाम बन चुका साइको किलर आखिरकार पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। 26 घंटे के अंदर तीन लोगों की कनपटी पर गोली मारकर हत्या करने वाले गुरप्रीत सिंह को यूपी पुलिस ने देर रात मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इस सनसनीखेज कांड ने बिहार से लेकर यूपी तक लोगों को हिला दिया था। सबसे ज्यादा दहशत इसलिए थी क्योंकि किलर बिना किसी डर के चलती ट्रेन, अस्पताल और सार्वजनिक जगहों पर लोगों को निशाना बना रहा था।


45 साल का गुरप्रीत सिंह मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था और सेना से रिटायर हो चुका था। पुलिस के मुताबिक वह शराब पीने के बाद अपना मानसिक संतुलन खो देता था। पूछताछ में उसने खुद कहा था – “मैं मन का राजा हूं… जो मन में आता है, करता हूं… एक नहीं, दो-तीन को मारकर आया हूं।” यह सुनकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए थे।


चंदौली एसपी आकाश पटेल के मुताबिक, आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। देर रात पुलिस उसे क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए रेलवे ट्रैक के पास लेकर गई थी। इसी दौरान उसने एक पुलिस अधिकारी की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे सिर और सीने में गोली लगी। गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


गुरप्रीत ने सबसे पहले रविवार सुबह चंदौली में पैसेंजर ट्रेन के अंदर गाजीपुर निवासी मंगरू की कनपटी पर गोली मार दी थी। हत्या के बाद उसने शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया और ट्रेन की रफ्तार धीमी होते ही कूदकर फरार हो गया। इसके बाद वह दूसरी ट्रेन में सवार हुआ और वाराणसी के पास जम्मूतवी एक्सप्रेस में बिहार के गया निवासी दिनेश साहू को बाथरूम से निकलते ही गोली मार दी। गोली सीधे सिर में लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।


इतना ही नहीं, सोमवार सुबह चंदौली के एक निजी अस्पताल में घुसकर उसने बिहार के कैमूर जिले की रहने वाली लक्ष्मीना देवी को बेड पर लेटे-लेटे गोली मार दी। महिला का इलाज चल रहा था। वारदात के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा, लेकिन अस्पताल के बाहर मौजूद लोगों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। भीड़ ने उसकी जमकर पिटाई की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।


पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों हत्याओं का तरीका बिल्कुल एक जैसा था। गुरप्रीत अपने शिकार की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मारता था। इसी पैटर्न ने पुलिस को शक दिलाया कि तीनों हत्याएं एक ही शख्स ने की हैं। बाद में पूछताछ में उसने सारे जुर्म कबूल कर लिए।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुरप्रीत कुछ दिन पहले बिहार के आरा में गार्ड की नौकरी करने गया था, लेकिन शराब पीकर हंगामा करने की वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद वह लगातार ट्रेनों में घूम रहा था और मानसिक रूप से अस्थिर व्यवहार कर रहा था।


इस पूरे मामले ने पुलिस प्रशासन को भी हिला दिया। ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों और अस्पताल में भर्ती मरीजों के बीच दहशत का माहौल बन गया था। लोग यह सोचकर डर गए थे कि आखिर कब और कहां यह साइको किलर किसी को गोली मार दे। लेकिन अब पुलिस एनकाउंटर के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। यूपी पुलिस का कहना है कि आरोपी बेहद खतरनाक था और अगर समय रहते उसे नहीं रोका जाता तो वह और भी वारदातों को अंजाम दे सकता था।