ब्रेकिंग
बेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, दोनों केस में स्पीडी ट्रायल और न्यायिक जांच की मांगनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलबेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, दोनों केस में स्पीडी ट्रायल और न्यायिक जांच की मांगनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरल

प्रमोशन में आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जीतनराम मांझी ने किया स्वागत

PATNA : प्रमोशन में आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हिन्दुतानी आवाम मोर्चा ने स्वागत किया है। जीतनराम मांझी ने कहा कि सरकारों की गलत नीतियों के कारण आजादी के करीब 75 साल

प्रमोशन में आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जीतनराम मांझी ने किया स्वागत
First Bihar
2 मिनट

PATNA : प्रमोशन में आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हिन्दुतानी आवाम मोर्चा ने स्वागत किया है। जीतनराम मांझी ने कहा कि सरकारों की गलत नीतियों के कारण आजादी के करीब 75 साल बाद भी SC-ST को अगड़ी जातियों के समान योग्यता के स्तर पर नहीं लाया जा सका है, जो शर्मनाक है। सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद अब सरकार प्रमोशन में आरक्षण को लेकर कार्रवाई जल्द शुरू करे।


प्रमोशन में आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जीतनराम मांझी ने किया स्वागत


बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने ने सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जातियों (एससी) और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) को प्रोन्नति में आरक्षण देने के लिए कोई मानदंड तय करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया. 


न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें एससी/एसटी के प्रतिनिधित्व में कमी के आंकड़े एकत्र करने के लिए बाध्य हैं. शीर्ष अदालत ने कहा कि वह एससी/एसटी के अपर्याप्त प्रतिनिधित्व का पता लगाने के लिए कोई मानदंड तय नहीं कर सकती और यह राज्यों को करना होगा.

टैग्स