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PMCH Patna : PMCH में तड़पता रहा 16 साल का अमन! इलाज शुरू होने से पहले थम गई सांसें, अब 7 डॉक्टरों पर गिरी गाज; 9 लोगों को नोटिस

पटना के PMCH में इलाज में कथित लापरवाही से 16 वर्षीय अमन कुमार गुप्ता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद अस्पताल प्रशासन ने 7 डॉक्टरों और 2 स्वास्थ्य प्रबंधकों को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है।

PMCH Patna : PMCH में तड़पता रहा 16 साल का अमन! इलाज शुरू होने से पहले थम गई सांसें, अब 7 डॉक्टरों पर गिरी गाज; 9 लोगों को नोटिस
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

PMCH Patna : बिहार की राजधानी पटना स्थित पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में समय पर इलाज नहीं मिलने से 16 वर्षीय अमन कुमार गुप्ता की मौत के मामले में अस्पताल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। घटना के बाद गठित जांच समिति की रिपोर्ट में सात डॉक्टरों और दो स्वास्थ्य प्रबंधकों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद सभी संबंधित कर्मियों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।


दरअसल, 5 जून की सुबह पटना के आनंदपुरी निवासी 16 वर्षीय अमन कुमार गुप्ता साइकिल से जेपी पथ से गुजर रहा था। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में अमन गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके बाएं पैर की हड्डी कई जगह से टूट गई थी, जबकि सिर और नाक में भी गंभीर चोटें आई थीं। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उसे तत्काल इलाज के लिए पीएमसीएच लाया गया।


परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी अमन को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिली। घायल किशोर को घंटों तक ट्रॉली पर ही छोड़ दिया गया और चिकित्सक उसके परिजनों के आने का इंतजार करते रहे। इस दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होता रहा, लेकिन आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। आरोप है कि इलाज शुरू होने से पहले ही खून अधिक बह जाने के कारण अमन की मौत हो गई।


घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव सिंह ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। समिति की अध्यक्षता स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्राध्यापक डॉ. मीनू शरण को सौंपी गई थी। समिति ने पूरे घटनाक्रम की जांच की और संबंधित डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा अस्पताल प्रबंधन की भूमिका का मूल्यांकन किया।


जांच पूरी होने के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट पीएमसीएच अधीक्षक को सौंप दी है। रिपोर्ट में इलाज में लापरवाही और जिम्मेदारी के निर्वहन में चूक की बात सामने आने के बाद सात डॉक्टरों और दो स्वास्थ्य प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी से पूछा गया है कि घायल मरीज के इलाज के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए और निर्धारित समय में उपचार क्यों शुरू नहीं हो सका। संबंधित कर्मियों को 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।


इन डॉक्टरों और स्वास्थ्य प्रबंधकों से मांगा गया जवाब

  • डॉ. पंकज मिश्रा, सह-प्राध्यापक, सर्जरी विभाग

  • डॉ. गौरव झा, सीनियर रेजिडेंट, सर्जरी विभाग

  • डॉ. गौरव कुमार, न्यूरो सर्जरी विभाग

  • डॉ. हरेंद्र कुमार, सर्जरी विभाग

  • डॉ. अमन कुमार, सीनियर रेजिडेंट

  • डॉ. रंजीत कुमार सिंह, एमएसओ (ट्रायज)

  • संजय कुमार मांझी, स्वास्थ्य प्रबंधक

  • पुनीता जायसवाल, स्वास्थ्य प्रबंधक


सूत्रों के अनुसार जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित अधिकारियों और चिकित्साकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की है। अब सभी के स्पष्टीकरण मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमन की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अब सभी की निगाहें पीएमसीएच प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।