1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 12 Jan 2026 07:31:55 AM IST
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PM Modi Office : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय (PMO) का पता जल्द ही बदलने वाला है। दशकों से साउथ ब्लॉक में संचालित हो रहा प्रधानमंत्री कार्यालय अब सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने नए सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हो सकता है। हालांकि, इसे लेकर अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सरकारी सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह बदलाव इसी सप्ताह संभव है। अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री मोदी 14 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन नए कार्यालय से कामकाज शुरू कर सकते हैं।
गौरतलब है कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल से लेकर अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से ही संचालित होता रहा है। ऐसे में पीएमओ का स्थानांतरण एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। साउथ ब्लॉक न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से अहम रहा है, बल्कि यह भारत की सत्ता और शासन व्यवस्था का प्रतीक भी माना जाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दारा शिकोह रोड पर स्थित सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स को सेंट्रल विस्टा मास्टर प्लान के तहत विकसित किया गया है। इस अत्याधुनिक परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) भी होंगे। खास बात यह है कि इन तीनों संस्थानों के लिए कॉम्प्लेक्स में अलग-अलग इमारतों का निर्माण किया गया है, ताकि कामकाज सुचारू और सुरक्षित तरीके से हो सके।
अखबार से बातचीत में सरकारी सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट सचिवालय पहले ही सितंबर 2025 में सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हो चुका है। इससे पहले यह राष्ट्रपति भवन परिसर से संचालित होता था। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय फिलहाल सरदार पटेल भवन से काम कर रहा है, लेकिन उसके भी जल्द ही नए परिसर में स्थानांतरित होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, नई पीएमओ बिल्डिंग में आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह भवन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि लंबे समय तक सरकार के शीर्ष निर्णय लेने वाले संस्थान यहां से प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स का निर्माण देश की जानी-मानी निर्माण कंपनी लार्सन एंड टर्बो (L&T) द्वारा किया गया है। कंपनी को इस परियोजना का ठेका वर्ष 2022 में दिया गया था। सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय और अन्य सरकारी इमारतों के निर्माण और पुनर्विकास का कार्य भी इसी क्रम में किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में कई अहम सरकारी स्थानों और सड़कों के नाम बदले गए हैं। वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री के सरकारी आवास ‘रेस कोर्स रोड’ का नाम बदलकर ‘लोक कल्याण मार्ग’ किया गया था। इसके बाद देश की सत्ता का प्रतीक माने जाने वाले ‘राजपथ’ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ रखा गया। अब सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बनाए गए केंद्रीय सचिवालय परिसरों को भी ‘कर्तव्य भवन’ नाम दिया गया है।
अगर पीएमओ वास्तव में सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट होता है, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव होगा, बल्कि यह सेंट्रल विस्टा परियोजना के एक अहम चरण के पूरा होने का संकेत भी माना जाएगा। फिलहाल, सभी की निगाहें 14 जनवरी पर टिकी हैं, जब प्रधानमंत्री मोदी के नए कार्यालय से कामकाज शुरू करने की संभावना जताई जा रही है।