1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 06 Jan 2026 01:51:00 PM IST
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new ration rule January : जनवरी माह से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर अब सभी पात्र राशन उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल उपलब्ध कराया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य लाभुकों को संतुलित, पोषणयुक्त और विविध खाद्यान्न उपलब्ध कराना है, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों की खाद्य सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
इस संबंध में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तेजस्वी आनंद ने जानकारी देते हुए बताया कि यह बदलाव राज्य सरकार की नई नीति के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले कई क्षेत्रों में लाभुकों को केवल चावल या सीमित मात्रा में अनाज मिल पाता था, जिससे पोषण की दृष्टि से संतुलन नहीं बन पाता था। अब गेहूं और चावल दोनों का वितरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को समान रूप से लाभ मिलेगा।
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और प्राथमिकता परिवार (पीएचएच) श्रेणी के सभी लाभुकों को निर्धारित मात्रा में गेहूं और चावल दिया जाएगा। इससे पहले कई लाभुकों की शिकायत रहती थी कि उन्हें केवल एक ही प्रकार का अनाज मिल रहा है, लेकिन अब इस समस्या का समाधान कर दिया गया है। गेहूं और चावल दोनों मिलने से परिवारों के भोजन में विविधता आएगी और पोषण स्तर में भी सुधार होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानदारों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। किसी भी स्थिति में निर्धारित मात्रा से कम या अधिक राशन नहीं दिया जाएगा। राशन वितरण पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और ई-पास मशीन के माध्यम से सभी लेन-देन दर्ज किए जाएंगे। यदि कोई दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तेजस्वी आनंद ने लाभुकों से अपील की कि वे राशन लेते समय ई-पास मशीन से प्राप्त पर्ची अवश्य लें और मौके पर ही अनाज की मात्रा और गुणवत्ता की जांच कर लें। यदि किसी दुकान पर कम राशन देने, अतिरिक्त राशि वसूलने या किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत होती है, तो इसकी सूचना तुरंत प्रखंड आपूर्ति कार्यालय या संबंधित वरीय अधिकारियों को दें। शिकायत मिलने पर दोषी डीलरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे।
उन्होंने आगे बताया कि जनवरी माह से राशन वितरण के साथ-साथ लाभुकों के ई-केवाईसी (ई-केवाईसी) और सत्यापन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिन लाभुकों ने अब तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में राशन मिलने में परेशानी हो सकती है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी पात्र लाभुकों का डेटा अपडेट रहे, ताकि किसी को भी अनावश्यक रूप से राशन से वंचित न होना पड़े।
स्थानीय उपभोक्ताओं ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि गेहूं और चावल दोनों मिलने से परिवार की जरूरतें बेहतर ढंग से पूरी होंगी। खासकर मजदूर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए यह व्यवस्था राहत भरी है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि पहले केवल चावल मिलने से भोजन में एकरूपता आ जाती थी, लेकिन अब गेहूं मिलने से रोटी और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने में सुविधा होगी।
अंत में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तेजस्वी आनंद ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र व्यक्ति तक समय पर और पूरी मात्रा में राशन पहुंचे। इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है और वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन की इस पहल से पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और गरीब परिवारों को वास्तविक लाभ मिलेगा।