Bihar News: भूख से सूखकर कांटा हुआ पटना Zoo का सफेद बाघ! वीडियो वायरल होने के बाद उठ रहे सवाल

पटना Zoo का सफेद बाघ भूख और कमजोरी के कारण चर्चा में है। वायरल वीडियो ने लोगों को झकझोर दिया है और पशु प्रेमियों से लेकर PETA इंडिया तक ने इसकी गंभीर जांच की मांग की है। क्या बाघ सुरक्षित है या उसका जीवन खतरे में है?

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 26, 2026, 3:02:31 PM

Bihar News: भूख से सूखकर कांटा हुआ पटना Zoo का सफेद बाघ! वीडियो वायरल होने के बाद उठ रहे सवाल

पटना Zoo का सफेद बाघ - फ़ोटो google

BIHAR NEWS: बिहार की राजधानी स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) का एक सफेद बाघ इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के बाद बाघ की सेहत और देखभाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच की मांग की है।


बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में सफेद बाघ अपने बाड़े में कमजोर और सुस्त दिखाई दे रहा है। वह धीरे-धीरे चलता नजर आता है, जिससे कई लोगों को लगा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है। वीडियो के प्रसार के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि 1st bihar Jharkhand चैनल नहीं करता है। कई यूजर्स ने बाघ की शारीरिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उसकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने की मांग की।


दुनिया भर में बाघों के संरक्षण और उनके सुरक्षित आवास के लिए अभियान चलाए जाते हैं। ऐसे में पटना जू से सामने आए इस वीडियो ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। कुछ लोगों का कहना है कि क्या बाघ को पर्याप्त भोजन, इलाज और घूमने के लिए पर्याप्त जगह मिल रही है या नहीं। वहीं कई पशु प्रेमियों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर बाघ अस्वस्थ है तो उसका समय पर इलाज क्यों नहीं कराया जा रहा।


यह वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर @RahulSeeker नामक हैंडल से साझा किया गया था, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में दिख रहे दृश्य ने लोगों का ध्यान खींचा और कई संगठनों को प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया।


पशु अधिकार संगठन PETA इंडिया ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। संगठन ने चिड़ियाघर प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है। PETA ने अपनी अपील में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, बिहार के मुख्यमंत्री और राज्य के पर्यावरण विभाग को टैग करते हुए लिखा कि बाघ की स्थिति की गंभीरता से जांच की जाए। संगठन ने अनुरोध किया है कि यदि आवश्यक हो तो बाघ को किसी ऐसे अभयारण्य में पुनर्वासित किया जाए, जहां उसे कम तनाव वाला वातावरण मिल सके और उसकी सेहत में सुधार हो सके।


इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। पशु प्रेमियों का मानना है कि चिड़ियाघर प्रशासन को पारदर्शिता के साथ बाघ की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो कभी-कभी अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम भी पैदा कर सकते हैं, इसलिए आधिकारिक जांच जरूरी है।


फिलहाल चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी।