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Patna University: पटना विश्वविद्यालय की नई नामांकन नीति पर बवाल, छात्र संघ महासचिव ने जताई कड़ी आपत्ति

Patna University: पटना विश्वविद्यालय की नई नामांकन नीति ने छात्रों के बीच असंतोष की लहर दौड़ा दी है। मेरिट बेसिस पर एडमिशन की प्रक्रिया को छात्र संघ ने गरीब और बिहार बोर्ड के छात्रों के साथ अन्याय करार दिया है।

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पटना विश्वविद्यालय की नई नामांकन नीति पर हंगामा
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Nitish Kumar
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2 मिनट

Patna University: पटना विश्वविद्यालय की नई नामांकन नीति को लेकर छात्र संघ में उबाल है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में मेरिट बेसिस पर नामांकन प्रक्रिया लागू करने के फैसले को लेकर पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ की महासचिव सलोनी राज ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।


प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए सलोनी राज ने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से गरीब और बिहार स्टेट बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्रों के साथ अन्याय है। उनके अनुसार, पटना विश्वविद्यालय इन छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का एकमात्र सहारा है और नई नीति उन्हें शिक्षा से वंचित करने की साजिश है।


सलोनी ने कहा, “यह सिर्फ गलत नहीं, बल्कि अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण निर्णय है। प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है और इसका बोझ छात्रों पर डाल रहा है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हमेशा छात्रों के पक्ष में रही हैं और किसी भी गलत नीति का समर्थन नहीं करेंगी। उन्होंने इस फैसले को "प्रशासन की कामचोरी और अकर्मण्यता" का नतीजा बताते हुए चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो समस्त छात्र समाज मिलकर बड़ा आंदोलन छेड़ेगा।

उन्होंने जोर देते हुए कहा:

“अब समय है एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने का। शिक्षा के अधिकार से किसी को भी वंचित नहीं किया जा सकता।”