Bihar News: राजधानी पटना के शास्त्रीनगर इलाके में हुई सनसनीखेज फायरिंग की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। शुरुआती तौर पर इस घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन जांच में जो सच सामने आया, वह चौंकाने वाला है। पुलिस के मुताबिक यह पूरा मामला किसी गैंगवार या बाहरी साजिश का नहीं, बल्कि आपसी विवाद का नतीजा था, जिसने हिंसक रूप ले लिया।
यह घटना 14 मार्च 2026 की देर रात की है, जब कुछ लोगों ने जान से मारने की नीयत से गोलीबारी कर इलाके में दहशत फैला दी थी। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और लोगों में डर का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
तकनीकी जांच, कॉल डिटेल्स और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने तेजी से काम किया। इस केस में शिव कुमार यादव द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर जांच आगे बढ़ी। सुराग मिलते ही पुलिस टीम ने जहानाबाद में छापेमारी की, जहां से मिथिलेश यादव और नरेश यादव को हिरासत में लिया गया।
दोनों से कड़ी पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए। इसी कड़ी में दीपक कुमार का नाम सामने आया, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस तरह अब तक तीन आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया है, जबकि इस वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सामान भी बरामद कर लिए हैं। बरामदगी में दो देशी कट्टा, 8 एमएम की जिंदा गोलियां, एक खोखा, .303 की गोली, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन शामिल हैं। इन सबूतों के आधार पर पुलिस केस को और मजबूत करने में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस फायरिंग कांड में कुल चार लोग शामिल थे। तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है और चौथे की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।





