NEET student case : शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत का रहस्य : शुरू हुई SIT की जांच तो IMA से पत्र लिखवा खुद को पाक-साफ़ बताने में जुटा प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल

पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में 6 जनवरी 2025 को NEET छात्रा की मौत के मामले में SIT की गहन जांच जारी है। पुलिस ने छात्रा के कमरे को सील कर फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की है। परिजनों ने डॉ. प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पर भी आर

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 18 Jan 2026 08:24:55 AM IST

NEET student case : शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत का रहस्य : शुरू हुई SIT की जांच तो IMA से पत्र लिखवा खुद को पाक-साफ़ बताने में जुटा प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल

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NEET student case : पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में 6 जनवरी 2025 को NEET की छात्रा की मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस मामले की गंभीरता और कई अनसुलझे सवालों के कारण राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। SIT की टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है ताकि छात्रा की मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।


SIT ने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए छात्रा के कमरे को सील कर दिया है। साथ ही हॉस्टल के डिजिटल साक्ष्यों को भी कब्जे में लेकर विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय से ADG (कमजोर वर्ग) अमित कुमार जैन और IG जितेंद्र राणा खुद हॉस्टल पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने कहा कि वह हर उस पहलू को खंगाल रही है जो छात्रा की मौत की वजह बन सकता है।


परिजन अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगा रहे हैं

इस मामले में मृत छात्रा के परिजनों ने डॉ. प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल के प्रबंधन और डॉक्टरों की भूमिका संदिग्ध है और मौत के पीछे उनकी भूमिका हो सकती है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने सही इलाज नहीं किया और समय पर उचित कार्रवाई नहीं की। इस आरोप ने मामले को और भी जटिल बना दिया है।


IMA ने अस्पताल को सुरक्षा की मांग की

इसी बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) बिहार ने इस मामले में पटना पुलिस कप्तान को पत्र लिखकर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। IMA ने कहा है कि इस घटना के बाद अस्पताल और डॉक्टरों के खिलाफ गलत और भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैल रही है। ऐसे अफवाहों से अस्पताल और चिकित्सकों की छवि को नुकसान हो रहा है और उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।


IMA ने पत्र में बताया कि हाल ही में डॉ. प्रभात मेमोरियल हीरामति अस्पताल में एक महिला मरीज की मृत्यु के बाद गलत जानकारी फैलने लगी। अस्पताल ने स्पष्ट किया कि मरीज को बेहोशी की हालत में और अस्थिर जीवन संकेतों के साथ अस्पताल लाया गया था। मरीज के आने पर जहर खाने की आशंका और शारीरिक हमले का कथित इतिहास था।


अस्पताल का दावा: इलाज और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई

IMA ने कहा कि अस्पताल ने तुरंत जीवन रक्षक उपचार शुरू किया और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया। मरीज की स्थिति को देखते हुए पुलिस को भी सूचना दी गई और FIR दर्ज की गई। इलाज के बाद मरीज की हालत स्थिर होने पर परिजनों के अनुरोध पर उसे तीन दिन बाद बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। वहां मरीज की मृत्यु हो गई।


मृत्यु के बाद कुछ लोग और स्थानीय राजनीतिक नेता सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने लगे। IMA ने साफ किया कि अस्पताल और डॉक्टरों की भूमिका पूरी तरह चिकित्सकीय और कानूनी नियमों के अनुरूप थी।


IMA की पुलिस से मांग

IMA बिहार ने पुलिस महानिदेशक, बिहार से मांग की है कि अस्पताल, चिकित्सक और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाई जाए और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।


IMA ने कहा कि डॉक्टरों पर धमकियाँ और हमले सिर्फ डॉक्टरों को नहीं बल्कि पूरे चिकित्सा क्षेत्र को प्रभावित करते हैं। इससे मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए प्रशासन और पुलिस को मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा बढ़ानी चाहिए।


अब क्या होगा?

पुलिस की SIT जांच जारी है। हॉस्टल और अस्पताल दोनों जगहों पर साक्ष्यों की जांच हो रही है। फॉरेंसिक और डिजिटल जांच से सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है। SIT जल्द ही मामले की रिपोर्ट तैयार करेगी और जांच के बाद ही स्पष्ट तथ्य सामने आएंगे।यह मामला अभी भी खुला है और जांच के बाद ही असली सच्चाई सामने आएगी।