Patna schools open : पटना जिले में स्कूलों को लेकर बड़ी राहत की खबर है। प्रचंड ठंड और शीतलहर के कारण बंद या सीमित रूप से संचालित किए जा रहे सभी स्कूल अब पूरी तरह खोल दिए गए हैं। जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा जारी आदेश के अनुसार 17 जनवरी से जिले के सभी निजी और सरकारी विद्यालयों में सभी कक्षाओं की पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है। हालांकि बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के संचालन को लेकर समय-सीमा तय की गई है।
जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने शुक्रवार को जारी आदेश में स्पष्ट किया कि पटना जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी सभी कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियों की अनुमति दे दी गई है। लेकिन किसी भी शिक्षण संस्थान में सुबह 9 बजे से पहले पढ़ाई नहीं कराई जाएगी। यानी स्कूलों का संचालन अनिवार्य रूप से 9 बजे के बाद ही शुरू होगा। यह आदेश फिलहाल 20 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। मौसम की स्थिति में और सुधार होने पर स्कूलों की टाइमिंग में आगे और राहत दी जा सकती है।
दरअसल, बीते कुछ दिनों से बिहार समेत पटना जिले में भीषण ठंड और शीतलहर का प्रकोप देखा जा रहा था। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट और घने कोहरे के कारण बच्चों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों में पढ़ाई पर रोक लगाने का फैसला किया था।
इस महीने की शुरुआत में पटना जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक के छात्रों की छुट्टी घोषित कर दी गई थी। यह पाबंदी 11 जनवरी तक लागू रही। इसके बाद प्रशासन ने मौसम की स्थिति की समीक्षा करते हुए चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोलने का निर्णय लिया। सबसे पहले 12 जनवरी से कक्षा 6 से 8 तक के स्कूल खोल दिए गए, जबकि कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए पाबंदी जारी रखी गई।
इसके बाद 14 जनवरी से कक्षा 1 से 5 तक के स्कूलों को खोलने की अनुमति दी गई, लेकिन प्री-प्राइमरी और प्राइमरी स्तर के छोटे बच्चों की छुट्टियां बरकरार रखी गई थीं। अब मौसम में हल्की राहत और प्रशासनिक समीक्षा के बाद सभी कक्षाओं पर लगी पाबंदी को पूरी तरह हटा दिया गया है।
डीएम द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। ठंड से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं और यदि किसी स्कूल में बच्चों को किसी तरह की परेशानी होती है तो तत्काल जिला प्रशासन को सूचित किया जाए। इसके अलावा अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को गर्म कपड़ों में ही स्कूल भेजें और मौसम के अनुसार सावधानी बरतें।
स्कूल खुलने के फैसले से अभिभावकों और छात्रों दोनों को राहत मिली है। लंबे समय से पढ़ाई बाधित होने के कारण छात्रों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा था। खासकर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है। वहीं, स्कूल संचालकों का कहना है कि निर्धारित समय-सीमा और प्रशासनिक निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
फिलहाल, 20 जनवरी तक के लिए जारी यह आदेश मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा। यदि ठंड और कम होती है तो स्कूलों के समय में और ढील दी जा सकती है, जबकि मौसम बिगड़ने की स्थिति में प्रशासन फिर से निर्णय ले सकता है। कुल मिलाकर, पटना जिले में स्कूलों के पूरी तरह खुलने से शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौटती नजर आ रही है।





