Patna-Purnia Expressway : पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को मिला 'NE' का दर्जा, घटेगा यात्रा का समय; इन्हें मिलेगा बड़ा फायदा

यह बिहार का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे होगा जो पूरी तरह से राज्य की सीमाओं के भीतर निर्मित होगा. सड़क निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 'पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-9 के रूप में अधिसूचित ह

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 17 Jan 2026 01:46:39 PM IST

Patna-Purnia Expressway : पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को मिला 'NE' का दर्जा, घटेगा यात्रा का समय; इन्हें मिलेगा बड़ा फायदा

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Patna-Purnia Expressway : बिहार की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे का दर्जा मिलने से जुड़ा है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इस परियोजना को अब नेशनल एक्सप्रेसवे-9 (NE-9) घोषित किया गया है। यह बिहार का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे होगा जो पूरी तरह राज्य की सीमाओं के भीतर निर्मित होगा। इस ऐतिहासिक निर्णय से राज्य की सड़क संरचना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी।


सड़क निर्माण मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे का दर्जा मिलना बिहार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि परियोजना की घोषणा के बाद से कार्य में तेजी आई है और राज्य सरकार इसे समय पर पूरा करने के लिए केंद्र सरकार के हर आवश्यक सहयोग को सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से पटना से पूर्णिया की यात्रा मात्र तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे सीमांचल क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी और क्षेत्र में निवेश के अवसर बढ़ेंगे।


250 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे एनएच-22 के मीरनगर अरेज़ी (हाजीपुर) से शुरू होकर नरहरपुर, हरलोचनपुर, बाजिदपुर, सरौंजा, रसना, परोरा और फतेहपुर से गुजरते हुए पूर्णिया जिले के हंसदाह में एनएच-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) से जुड़ता है। परियोजना में 21 बड़े पुल, 140 छोटे पुल, 11 रेलवे ओवरब्रिज, 21 इंटरचेंज और 322 अंडरपास शामिल होंगे। इसके अलावा समस्तीपुर, सहरसा और मधेपुरा जिला मुख्यालयों को जोड़ने के लिए अलग संपर्क मार्ग भी बनाए जाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।


इस परियोजना के लिए छह जिलों के 29 प्रखंडों में 250 से अधिक गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। एक्सप्रेसवे का निर्माण न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। इसके अलावा, यह परियोजना राज्य और केंद्र के सहयोग का प्रतीक भी है।


राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे का दर्जा मिलने से यह परियोजना राज्य के विकास और आर्थिक प्रगति में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। इससे न केवल सीमांचल क्षेत्र बल्कि पूरे बिहार की सड़क संरचना और कनेक्टिविटी में सुधार होगा। आने वाले वर्षों में यह एक्सप्रेसवे राज्य के उद्योग, पर्यटन और सामाजिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनेगा। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे की यह उपलब्धि बिहार के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण साबित होगी।