Bihar police controversy : ‘सम्राट चौधरी के यहां रहता है रे? हम एंटी BJP हैं’, बिहार पुलिस वीडियो से हेडक्वार्टर में खलबली

पटना के एक थाने का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें सादी ड्रेस में पुलिसकर्मी युवक के साथ बदसलूकी कर रहा है। बिहार पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को जांच के आदेश दिए हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 04 Jan 2026 09:20:16 AM IST

Bihar police controversy : ‘सम्राट चौधरी के यहां रहता है रे? हम एंटी BJP हैं’, बिहार पुलिस वीडियो से हेडक्वार्टर में खलबली

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Bihar police controversy : बिहार की राजधानी पटना से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने राज्य पुलिस की कार्यशैली और राजनीतिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक सादी ड्रेस में ब्लेज़र पहने व्यक्ति को एक युवक के साथ मारपीट करते, गाली देते और धमकाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में दिख रहा है कि युवक हाथ जोड़े खड़ा है, उसका हाथ में सिर्फ एक पेन है, जिससे साफ पता चलता है कि वह कोई आम नागरिक या छात्र प्रतीत होता है।


वीडियो की शुरुआत में आरोपी पुलिसकर्मी युवक को थप्पड़ मारते हुए कहता है, “हाथ में चोट लगी तो एक और मारेंगे” और उसके बाद जोरदार तमाचा भी लगाता है। युवक डर के मारे हाथ जोड़कर खड़ा रहता है और वहीं पास खड़े अन्य पुलिसकर्मी इसे देखते रहते हैं। आरोपी व्यक्ति खुद को 'बीजेपी विरोधी' बताते हुए धमकाता है और कहता है कि वह किसी बड़े नेता, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के यहां रहने का हवाला देते हुए युवक को डराने की कोशिश करता है।


वीडियो में यह भी दिखता है कि आरोपी का मोबाइल पर कॉल आता है। कॉल के दौरान युवक हाथ जोड़कर रोता रहता है। इस बीच अन्य पुलिसकर्मी उसे रोकते हैं और चेतावनी देते हैं कि आगे की कार्रवाई गंभीर हो सकती है। फिर आरोपी व्यक्ति युवक के हाथ में बिजली के तार काटने वाला कटर थमा देता है और उंगली काटने की धमकी देता है। इस दौरान युवक बार-बार विनती करता है और कहता है कि वह फाइन भर देगा, लेकिन “10 गुना फाइन” नहीं भर पाएगा। इसके जवाब में आरोपी पुलिसकर्मी धमकी भरे स्वर में कहता है कि “तू 10 गुना ही भरेगा। इसके लिए तेरा वीडियो बन गया है, देखना।”


वीडियो कुल 54 सेकंड का है और इस दौरान कम से कम आधा दर्जन पुलिसकर्मी वर्दी में दिखाई देते हैं। बातचीत और माहौल से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यह घटना पटना के किसी थाने में हुई है। वीडियो में शामिल अधिकांश पुलिसकर्मी खामोश बैठे हैं, जबकि सिर्फ एक या दो पुलिसकर्मी आरोपी को रोकने की कोशिश करते दिख रहे हैं।


घटना के सामने आने के बाद बिहार पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को जांच के आदेश दिए हैं। जांच का उद्देश्य वीडियो की सत्यता, घटना के वास्तविक स्थान और इसमें शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान करना है। बिहार पुलिस ने इस वीडियो के वायरल होने के बाद कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और राज्य में पुलिस की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।


इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर भी खलबली मचा दी है। कई लोग इसे बिहार पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल बताते हुए इसे लोकतंत्र और कानून व्यवस्था की चुनौती बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पुलिस की छवि को धूमिल करती हैं और युवा वर्ग में डर और असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।


राजनीतिक दृष्टिकोण से भी यह वीडियो चर्चा में है। आरोपी पुलिसकर्मी खुद को 'बीजेपी विरोधी' बताते हुए धमकी दे रहा है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस कार्यवाही में राजनीतिक झुकाव आ सकता है या नहीं। हालांकि आधिकारिक तौर पर राज्य सरकार और पुलिस ने कहा है कि सभी कार्रवाई कानून के दायरे में होगी और किसी भी राजनीतिक दबाव को जांच में शामिल नहीं किया जाएगा।


इस घटना ने पटना में पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास के मुद्दे को भी सामने रखा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के वीडियो न केवल पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करते हैं बल्कि आम जनता में डर और अविश्वास भी बढ़ाते हैं। बिहार पुलिस का साइबर सेल इस मामले की जांच कर रहा है और वीडियो की सत्यता की पुष्टि के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है।


इससे पहले भी बिहार में कुछ पुलिसकर्मियों के गलत व्यवहार के मामले सामने आए थे, लेकिन इस वीडियो की हिंसक और धमकी भरी प्रकृति ने इसे और अधिक गंभीर बना दिया है। सरकार और पुलिस विभाग पर दबाव है कि वे इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता से कार्रवाई करें ताकि पुलिस और जनता के बीच भरोसा कायम रह सके।


पटना का यह वीडियो यह संदेश देता है कि कानून का उल्लंघन किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों का पालन निष्पक्ष तरीके से करना होगा और किसी भी नागरिक के साथ हिंसा, धमकी या अपमान की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने होंगे। बिहार पुलिस की साइबर सेल जांच पूरी होने के बाद उम्मीद है कि दोषियों को तत्काल जिम्मेदारी के तहत सजा दी जाएगी और जनता को न्याय मिलेगा।