पति ने रची पत्नी की हत्या की साजिश, पैसों और निजी संबंधों में उलझी मर्डर मिस्ट्री का खुलासा

पटना के गाजावक महम्मदपुर में 11 जनवरी को माला देवी की हत्या का खुलासा 24 घंटे के भीतर हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका के पति सुबोध शर्मा ने पैसों और निजी संबंधों को लेकर हत्या की साजिश रची थी। आरोपी के साथी कुणाल किशोर को भी गिरफ्तार किया गया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 14, 2026, 6:39:40 PM

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पुलिस की कार्रवाई - फ़ोटो REPORTER

PATNA: पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र के गाजावक महम्मदपुर में महिला की हत्या का मामला पहली नजर में अज्ञात अपराध जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने रिश्तों की स्याह तस्वीर उजागर कर दी। इस हत्याकांड में मृतका का पति ही मुख्य साजिशकर्ता निकला।


मृतका की पहचान जहानाबाद के पाली थाना क्षेत्र निवासी सुबोध शर्मा की पत्नी माला देवी के रूप में हुई है। 11 जनवरी को उसका शव मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।


साजिश की जड़ में पैसा और निजी संबंध

पुलिस जांच में सामने आया कि माला देवी के अन्य व्यक्तियों से निजी संबंध थे और पैसों का लेन-देन भी चल रहा था। यही बात पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव की वजह बनी। इसी तनाव ने हत्या की साजिश का रूप ले लिया। सुबोध शर्मा ने अपने पुराने परिचित और पूर्व होटल स्टाफ कुणाल किशोर को इस वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया। योजना के तहत हत्या के बदले पहले दिए गए 2.50 लाख रुपये की वापसी नहीं ली जानी थी और बाद में अतिरिक्त रकम देने का वादा किया गया था।


प्लॉट दिखाने के बहाने हत्या

11 जनवरी को माला देवी को जमीन का प्लॉट दिखाने के बहाने गाजावक महम्मदपुर ले जाया गया। सुनसान जगह पर ले जाकर उसे गोली मार दी गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए।


तकनीकी जांच से खुली परतें

मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और आपसी संपर्कों की जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले। सबसे पहले कुणाल किशोर को जहानाबाद स्टेशन गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने मृतका के पति सुबोध शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है।


24 घंटे में खुलासा, पुलिस की तत्परता

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी फुलवारीशरीफ के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम ने इस हत्याकांड का सफल उद्भेदन कर यह स्पष्ट कर दिया कि सुनियोजित अपराध कितनी भी सावधानी से क्यों न किया जाए, कानून की पकड़ से बच पाना मुश्किल है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, हथियार की बरामदगी और अन्य संभावित संलिप्तों की भूमिका की जांच कर रही है।

पटना से सूरज की रिपोर्ट