पटना में NEET छात्रा की मौत का मामला: शंभू हॉस्टल की छात्राओं ने पुलिस की मौजूदगी में खाली किया रूम, परिजन बोले- अब बेटी को नहीं पढ़ने देंगे

पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद शंभू हॉस्टल की अन्य छात्राओं में दहशत फैल गई है। पुलिस की मौजूदगी में छात्राओं ने अपने कमरे खाली किए, जबकि परिजनों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए बेटियों को पटना में न पढ़ाने का फैसला किया है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sun, 18 Jan 2026 09:03:08 PM IST

Patna NEET student death

घटना के बाद दहशत में परिजन - फ़ोटो Reporter

Patna NEET student death: पटना के शंभू हॉस्टल में रहने वाली जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद हॉस्टल की अन्य छात्राओं में दहशत का माहौल है। छात्राएं रविवार की सुबह अपने परिजनों के साथ हॉस्टल से अपना सामान लेने के लिए पहुंची थीं लेकिन उन्हें पुलिस ने हॉस्टल में जाने से रोक दिया। मीडिया में खबर आने के बाद देर शाम पुलिस की मौजूदगी में हॉस्टल का ताला खोला गया।


पुलिस की मौजूदगी में छात्राओं और उनके परिजनों हॉस्टल के कमरों से सामान निकालकर ले गए और शंभू हॉस्टल को खाली कर दिया। इस दौरान छात्राओं के परिजन मीडिया के सवालों से बचते रहे और कुछ भी बोलने से कतराते रहे। दबी जुबान में एक छात्रा की मां ने बताया कि हॉस्टल से सारा सामन मिल गया है। 


एक महिला ने बताया कि वे लोग इस घटना के बाद काफी डर गए हैं। वहीं एक दूसरी महिला का कहना था कि वह अब अपनी बेटी को पटना में नहीं पढ़ने देंगी और उसे अपने साथ घर लेकर जा रही हैं। अब उनकी बेटी घर पर ही रहकर ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई करेगी। हम लोग काभी डरे हुए हैं, अब क्या ही कर सकते हैं। बेटी अब घर में ही रहेगी।


बता दें कि जहानाबाद की लड़की चित्रगुप्त नगर इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इसी बीच अचानक छात्रा की तबीयत बिगड़ी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न से इनकार नहीं किया जा सकता है।


इस पूरे मामले में पटना पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है और पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। मामले के तूल पकड़ने के बाद सरकार एक्शन में आई और आखिरकार जांच के लिए आईजी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। फिलहाल एसआईटी की टीम पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।