Patna Metro: पटना मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार, जंक्शन गोलंबर के पास अंडरग्राउंड स्टेशन की खुदाई शुरू; ट्रेन से उतरते ही मिलेगी सुविधा

Patna Metro: पटना मेट्रो परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। जंक्शन गोलंबर के पास अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन की खुदाई शुरू हो गई है, जिससे राजधानी के प्रमुख इलाकों को आधुनिक मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Fri, 16 Jan 2026 02:31:03 PM IST

Patna Metro

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Patna Metro: पटना मेट्रो परियोजना ने अब तेजी पकड़ ली है। शहर की सबसे व्यस्त आवाजाही वाले इलाके, जंक्शन गोलंबर के पास मेट्रो स्टेशन के लिए खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है। मेट्रो प्राधिकरण के अनुसार इस पूरे सेक्शन में छह अत्याधुनिक अंडरग्राउंड आइलैंड प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जिन्हें दुनिया के बड़े और आधुनिक अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। सभी स्टेशन पूरी तरह वातानुकूलित होंगे और यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा व सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।


इस अंडरग्राउंड सेक्शन में पटना जंक्शन के अलावा विद्युत भवन, विकास भवन, पटना जू, राजाबाजार और रुकनपुरा मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। यह हिस्सा राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। खास बात यह है कि पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि रेलवे और मेट्रो के बीच यात्रियों को सहज और निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके।


पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन के लिए दो प्रमुख एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएंगे। पहला प्रवेश द्वार पुराने दूध मार्केट के पास होगा, जबकि दूसरा बुद्ध स्मृति पार्क के सामने बनाया जाएगा। दूध मार्केट वाले एंट्री-एग्जिट को जंक्शन गोलंबर से जोड़ने के लिए 17 मीटर लंबे सब-वे का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई है और खुदाई का काम शुरू हो चुका है।


यह परियोजना तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मेट्रो लाइन को पटना जंक्शन के ठीक नीचे से गुजारा जाएगा। दोनों कॉरिडोर की लाइनें जंक्शन के पास मिलेंगी और इसके बाद मीठापुर की ओर जाने के लिए मेट्रो को रेलवे स्टेशन के नीचे से होकर गुजरना होगा। इसके लिए रेलवे प्रशासन से एनओसी ली जाएगी। गहरी खुदाई के कार्य के लिए जून महीने में नई टीबीएम मशीन लॉन्च करने की योजना है।


पटना जंक्शन के बाहर करबिगहिया की ओर मेट्रो लाइन अंडरग्राउंड से एलिवेटेड सेक्शन में तब्दील हो जाएगी। इस हिस्से के निर्माण की जिम्मेदारी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपी गई है। पूरे अंडरग्राउंड सेक्शन को 36 महीनों की निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


बता दें कि पटना मेट्रो के पहले चरण का निर्माण दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की देखरेख में हुआ था, जबकि दूसरे चरण का कार्य अब सीधे पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की निगरानी में किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है। 


पटना जंक्शन के नीचे से मेट्रो का गुजरना न सिर्फ एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि होगा, बल्कि राजधानी के शहरी विकास की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा, सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और पटना देश के आधुनिक मेट्रो शहरों की कतार में शामिल होता नजर आएगा।