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Patna Metro: पटना मेट्रो का सपना होगा साकार, जुलाई में पहुंचेगी पहली ट्रेन

Patna Metro: पटना में मेट्रो ट्रेन दौड़ने का सपना अब साकार होने की ओर है। जुलाई 2025 में 3 कोच वाली पहली मेट्रो ट्रेन पटना पहुंचेगी, जिससे राजधानी की शहरी परिवहन प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है.

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पटना न्यूज
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PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Patna Metro: पटना में मेट्रो ट्रेन दौड़ने का सपना अब साकार होने की ओर है। जुलाई 2025 में 3 कोच वाली पहली मेट्रो ट्रेन पटना पहुंचेगी, जिससे राजधानी की शहरी परिवहन प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। यह कोच महाराष्ट्र के पुणे स्थित टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा निर्मित किया जा रहा है। ट्रेन के पटना पहुंचने के बाद इसे डिपो में असेंबल करने में लगभग 15 से 20 दिन लगेंगे। इसके बाद मेट्रो का ट्रायल रन शुरू होगा। पटना मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर की लंबाई 6.107 किलोमीटर है, जिसमें कुल 5 स्टेशन न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरो माइल, भूतनाथ, खेमनीचक (इंटरचेंज स्टेशन, फिलहाल तैयार नहीं) और मलाही पकड़ी शामिल हैं। 


शुरुआती चरण में खेमनीचक स्टेशन पर ट्रेन नहीं रुकेगी, क्योंकि इसका निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। सरकार ने इस कॉरिडोर पर 15 अगस्त 2025 से मेट्रो संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। मेट्रो कोचों की खरीदारी जापानी एजेंसी JICA (जायका) के फंड से होनी थी, लेकिन फंड मिलने में देरी के कारण राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को ₹115 करोड़ की राशि प्रदान की। इस राशि से 3 कोच वाली ट्रेन, मेट्रो ट्रैक, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसे जरूरी उपकरण खरीदे गए।


नई मेट्रो ट्रेन में कुल 3 कोच होंगे और प्रत्येक कोच में लगभग 300 यात्रियों की क्षमता होगी। यानी कुल मिलाकर एक ट्रेन में 900 यात्री एक साथ यात्रा कर सकेंगे। यह ट्रेन खास तौर पर कम दूरी की शहरी यात्रा के लिए डिजाइन की गई है, जिससे हर ट्रिप में ऊर्जा की कम खपत होगी। छोटी ट्रेनें बेहतर फ्रीक्वेंसी प्रदान करेंगी, परिचालन लागत में कमी लाएंगी, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुगमता से दौड़ सकेंगी। यह प्रणाली पर्यावरण के अनुकूल है और शहर की संकरी गलियों में भी मेट्रो की पहुंच को संभव बनाएगी।


राज्य सरकार ने पहले चरण के अलावा पूरे शहर में मेट्रो नेटवर्क फैलाने की योजना बनाई है। कॉरिडोर-2 (पटना जंक्शन से पटेल नगर तक) पर भी कार्य प्रगति पर है। साथ ही ट्रेनों की संख्या, फ्रीक्वेंसी और स्मार्ट टिकटिंग सिस्टम जैसे उपायों पर भी काम हो रहा है।


पटना मेट्रो का यह पहला कदम न केवल बिहार के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह राजधानी के ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और परिवहन समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। यदि सभी कार्य समय पर पूरे हुए, तो 15 अगस्त 2025 को राजधानी के लोग पहली बार पटना मेट्रो में सफर का आनंद उठा सकेंगे।

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