पटना के मेदांता हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 18 वर्षीया युवती की मौत, जांच के घेरे में पूरा मामला

पटना के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान 18 वर्षीय युवती की मौत हो गई। पहले से दर्ज मारपीट और यौन उत्पीड़न के मामले के बाद अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सबकी नजर टिकी हुई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 11 Jan 2026 08:22:42 PM IST

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार - फ़ोटो REPORTER

PATNA: पटना के मेदांता हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 18 वर्षीया एक युवती की मौत हो गई, जिससे पूरा मामला जांच के दायरे में आ गया। युवती के परिजनों ने इससे पहले 9 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाना में मारपीट और यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट) का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी। अब युवती की मौत के बाद मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है।


पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों और जिस हॉस्टल में युवती रहती थी, वहां की वार्डन का बयान दर्ज किया गया। एएसपी अभिनव कुमार ने बताया कि 9 जनवरी को ही केस दर्ज कर लिया गया था और मामले से जुड़े सभी पक्षों से पूछताछ की जा चुकी है।


एएसपी अभिनव कुमार के मुताबिक, मेदांता अस्पताल के चिकित्सकों ने अपने बयान में किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है। डॉक्टरों का कहना है कि युवती मियादी बुखार से पीड़ित थी और उसे नींद की गोलियां लेने की आदत थी। पुलिस ने जब युवती के कमरे की तलाशी ली, तो वहां से बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां बरामद की गईं।


वहीं, युवती के परिजनों ने पुलिस और थाना की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस इस पूरे मामले में संदिग्ध भूमिका निभा रही है और सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है। इसी कारण परिजनों ने पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग कराए जाने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।


फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।

पटना से सूरज की रिपोर्ट