PATNA: बिहार में मानकों के विपरीत संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों को लेकर पटना हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। यह याचिका पटना हाई कोर्ट के वकील डॉ कौशलेन्द्र नारायण ने दाखिल की है।
याचिका में राज्य के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालन पर सवाल उठाते हुए नियमों के अनुपालन की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। कौशलेन्द्र नारायण का आरोप है कि कई कोचिंग संस्थान निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि बिहार के बच्चों को गुमराह किया जा रहा है और कुछ संस्थान "कोचिंग माफिया" की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने अदालत से ऐसे संस्थानों की जांच कराने, नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और दोषी पाए जाने पर उचित कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
अब इस मामले में अदालत के समक्ष सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट होगा कि याचिका पर क्या रुख अपनाया जाता है और राज्य सरकार तथा संबंधित पक्षों से क्या जवाब मांगा जाता है। पटना हाई कोर्ट के वकील डॉ. कौशलेन्द्र नारायण ने कहा कि कोचिंग वाले गुंडई कर रहे हैं, दो कोचिंग वालों की लड़ाई में एक के भाई की जान चली गयी। रौशन आनंद ने आरोप लगाया था कि फैजल खान के चलते उनके भाई की जान गई है।
पटना हाई कोर्ट के वकील डॉ. कौशलेन्द्र नारायण ने बताया कि जिसे लोग खान सर के नाम से जानते हैं उनका असली नाम अब्बू बकर है, जिसे लोग फैजल खान और अमित सिंह भी कहते है। हम इसे नटवर लाल कहते हैं। बच्चों को पढ़ाने के दौरान यह छात्रा को खचड़ी और ससुरी कहता है। बिहार की बेटी अंजना ओम कश्यप को यहां तक कहा कि राख लगाकर जीभ कबाड़ दूंगा। क्या इस तरह की बातें उनको बिहार की बेटी को कहना चाहिए?
कौशलेन्द्र नारायण ने कहा कि बिहार में अफसरों के चलते कोचिंग वाले मनमाना रवैय्या अपनाते हैं। वकील साहब ने कहा कि गुंडा माफिया फ्रेचाइजी लेकर कोचिंग बिहार में चला रहा है। सारे कोचिंग में ताला लगेगा। किसी तरह को नियमों का पालन कोचिंग में नहीं हो रहा है। ना पीने की व्यवस्था कोचिंग में है और ना ही टॉयलेट की व्यवस्था है और ना ही सेफ्टी का प्रबंध है। कोचिंग वाले जो लोग झूठा प्रचार प्रसार करता है और नियमों का पालन नहीं करता है, वैसे कोचिंग में ताला लगना चाहिए।
पटना से नीतीश कुमार की रिपोर्ट




