पटना: पटना हाईकोर्ट को आखिरकार अपना नया नियमित मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। भारत सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त करने की अधिसूचना जारी कर दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। अब उनके पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में पदभार ग्रहण करने की तारीख का इंतजार है। शपथ ग्रहण समारोह की तारीख जल्द तय की जाएगी।
जस्टिस वी. कामेश्वर राव के पटना हाईकोर्ट की कमान संभालने के साथ ही न्यायिक प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। वह पटना हाईकोर्ट के 49वें नियमित चीफ जस्टिस होंगे। फिलहाल जस्टिस सुधीर सिंह कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
6 अगस्त की कॉलेजियम बैठक में हुई थी सिफारिश
जस्टिस वी. कामेश्वर राव के नाम को लेकर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक 6 अगस्त 2026 को हुई थी। इस बैठक में कॉलेजियम ने उनके नाम की अनुशंसा पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए की थी। इसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी और केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब जस्टिस वी. कामेश्वर राव के पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने का रास्ता साफ हो गया है। उनके पदभार ग्रहण करने के साथ ही उनका कार्यकाल शुरू माना जाएगा।
मीनाक्षी मदन राय के बाद सुधीर सिंह संभाल रहे थे जिम्मेदारी
पटना हाईकोर्ट की पिछली मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मीनाक्षी मदन राय 11 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हो गई थीं। उनके रिटायरमेंट के बाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सुधीर सिंह को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी दी गई थी। करीब दो महीने बाद अब पटना हाईकोर्ट को नियमित चीफ जस्टिस मिलने जा रहे हैं। जस्टिस वी. कामेश्वर राव के नाम की नियुक्ति के साथ ही मुख्य न्यायाधीश पद को लेकर चल रही प्रतीक्षा भी समाप्त हो गई है।
कौन हैं जस्टिस वी. कामेश्वर राव?
जस्टिस वी. कामेश्वर राव का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। उन्होंने वर्ष 1987 में दिल्ली विश्वविद्यालय से भूगोल में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 1990 में उन्होंने एलएलबी की डिग्री हासिल की। मार्च 1991 में दिल्ली बार काउंसिल में पंजीकरण के बाद उन्होंने वकालत की शुरुआत की। अपने लंबे न्यायिक और कानूनी करियर के दौरान उन्होंने देश की कई महत्वपूर्ण अदालतों में काम किया।
सुप्रीम कोर्ट से CAT तक करीब दो दशक की वकालत
जस्टिस कामेश्वर राव ने करीब 20 वर्षों तक वकालत की। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण यानी CAT समेत कई न्यायिक मंचों पर मामलों की पैरवी की। उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से सेवा मामलों, श्रम कानून, संवैधानिक कानून, प्रशासनिक कानून और मध्यस्थता से जुड़े मामलों में रही है। वर्ष 2010 में उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा मिला।
कानून के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए 17 अप्रैल 2013 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके करीब दो वर्ष बाद 18 मार्च 2015 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश बना दिया गया।
कर्नाटक हाईकोर्ट में भी निभाई अहम जिम्मेदारी
जस्टिस वी. कामेश्वर राव का न्यायिक सफर सिर्फ दिल्ली हाईकोर्ट तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 2024 में उनका स्थानांतरण कर्नाटक हाईकोर्ट किया गया। वहां उन्होंने न्यायिक जिम्मेदारी निभाई और मई 2025 में कुछ समय के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की भूमिका भी संभाली। इसके बाद जुलाई 2025 में वह फिर दिल्ली हाईकोर्ट लौट आए। अब करीब एक वर्ष बाद उन्हें पटना हाईकोर्ट की कमान सौंपी गई है।
पटना हाईकोर्ट के लिए अहम बदलाव
जस्टिस वी. कामेश्वर राव के पास लंबा न्यायिक अनुभव है और उन्होंने संवैधानिक, प्रशासनिक, सेवा तथा श्रम कानून से जुड़े मामलों में लंबे समय तक काम किया है। ऐसे में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति को न्यायिक प्रशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिहार में भूमि विवाद, सेवा संबंधी मामले, प्रशासनिक फैसलों को चुनौती देने वाले मुकदमे और विभिन्न संवैधानिक मुद्दे लगातार अदालतों के सामने आते रहे हैं। ऐसे में अनुभवी न्यायाधीश के रूप में जस्टिस कामेश्वर राव की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
अब सबकी नजर उनके शपथ ग्रहण समारोह पर है। तारीख तय होते ही पटना हाईकोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश के कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इसके साथ ही जस्टिस वी. कामेश्वर राव पटना हाईकोर्ट के 49वें नियमित चीफ जस्टिस के रूप में न्यायिक व्यवस्था की कमान संभालेंगे।





