ब्रेकिंग
पश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक होमगार्ड जवान हत्याकांड: 9 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद की सजापश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक होमगार्ड जवान हत्याकांड: 9 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा

बिहार में कई अफसरों का नहीं हो रहा तबादला, चुनाव आयोग के निर्देश को लेकर चीफ सेक्रेटरी से मांगा गया जवाब

PATNA : बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़ी हुई इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. निर्वाचन आयोग के निर्देश के बावजूद भी कई अफसरों का तबादला नहीं किया गया है. दर्ज

बिहार में कई अफसरों का नहीं हो रहा तबादला, चुनाव आयोग के निर्देश को लेकर चीफ सेक्रेटरी से मांगा गया जवाब
First Bihar
2 मिनट

PATNA :  बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़ी हुई इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. निर्वाचन आयोग के निर्देश के बावजूद भी कई अफसरों का तबादला नहीं किया गया है. दर्जनों ऐसे अफसर हैं, जो 4 साल से एक ही जगह पर पोस्टेड हैं. पटना हाई कोर्ट ने बिहार विधान सभा चुनाव हेतु चुनाव आयोग के निर्देशों का सख्ती से अनुपालन नही किये जाने के मामले में राज्य के मुख्य सचिव, वित्त विभाग के प्रधान सचिव और चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है.


चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खण्डपीठ ने बिहार प्रदेश भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आला अफसरों को अगले दो दिनों के भीतर जवाब देने का आदेश दिया है. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि विगत 20 जून को ही चुनाव आयोग ने निर्देश जारी करते हुए बिहार सरकार से कहा था कि चुनाव ड्यूटी पर लगने वाले वैसे अफसर और कर्मियों का तुरंत तबादला किया जाए जो अपने गृह जिले में पदस्थापित हो या एक ही जिले में चार साल से अधिक समय से कार्यरत हो.


इस निर्देश के अनुपालन में कई तबादले हुए लेकिन 42 ऑफ़सर ऐसे हैं, जो चार साल से अधिक एक ही जिले में पदस्थापित हैं. जिनमे कई कोषागार पदाधिकारी भी शामिल हैं. हाई कोर्ट ने इसे गम्भीर मामला बताते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. इस मामले की अगली सुनवाई आगामी 25 सितंबर को की जाएगी.