ब्रेकिंग
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिला

पटना हाई कोर्ट ने बिहार बोर्ड पर लगाया दो लाख का जुर्माना, इस मामले में जारी किया सख्त आदेश

PATNA: पटना हाई कोर्ट ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी BSEB पर दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। मनोज कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए प

पटना हाई कोर्ट ने बिहार बोर्ड पर लगाया दो लाख का जुर्माना, इस मामले में जारी किया सख्त आदेश
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: पटना हाई कोर्ट ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी BSEB पर दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। मनोज कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की एकलपीठ ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने बिहार बोर्ड को आदेश दिया है कि वह जुर्माने की राशि को एक महीने के भीतर जमा कराए, इसके साथ ही साथ मुकदमा खर्च के नाम पर याचिकाकर्ता को 25 हजार रुपए देने का निर्देश दिया है। पूरा मामला BSEB की लापरवाही से जुड़ा है।


दरअसल, याचिकाकर्ता की बेटी ने साल 2017 में बिहार बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा दी थी। जब परिक्षा का रिजल्ट आया तो उसे संस्कृत विषय में फेल बताया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता की बेटी सदमे में आ गई और उसने पढ़ाई छोड़ दी। बाद में याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से जानकारी मांगी। करीब डेढ़ साल बाद बिहार बोर्ड ने जानकारी दी कि उनकी बेटी को संस्कृत विषय में 77 नंबर मिले हैं।


बोर्ड की इस लापरवाही के कारण छात्रा के दो साल बर्बाद हो गए। हाई कोर्ट में BSEB के वकील ने बताया कि छात्रा को 77 अंक मिले थे लेकिन मार्क्सशीट में सिर्फ 3 नंबर दिए गए थे, जिसके कारण वह फेल हो गई थी। बोर्ड के इस लापरवाही पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण फर्स्ट क्लास से पास हुई छात्रा को फेल बताकर उसका करियर खराब किया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि बोर्ड पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारी से जुर्माने की राशि वसूल करे।