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बेतिया में गंडक का जलस्तर बढ़ने से सड़क डूबी, ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर बनाया चचरी पुल

बेतिया के योगापट्टी प्रखंड के खलवा बड़हरवा गांव में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से मुख्य सड़क डूब गई। प्रशासनिक मदद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने चंदा और श्रमदान से बांस-लकड़ी का चचरी पुल बनाकर आवागमन बहाल किया।

बिहार न्यूज
ग्रामीणों की अनोखी पहल
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

WEST CHAMPARAN: बेतिया के योगापट्टी प्रखंड के चौमुखा पंचायत अंतर्गत खलवा बड़हरवा गांव में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से मुख्य सड़क करीब पांच फीट पानी में डूब गई। सड़क पर पानी भर जाने से गांव का आसपास के क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया। प्रशासन की ओर से तत्काल कोई व्यवस्था नहीं होने पर ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से 10 हजार रुपये जुटाकर बांस और लकड़ी का चचरी पुल तैयार किया, जिससे पैदल आवागमन फिर से शुरू हो सका।


सड़क जलमग्न होने के कारण ग्रामीणों, किसानों, छात्रों और महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई, जबकि मरीजों, किसानों और अन्य लोगों को बाजार व अस्पताल पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन करीब एक हजार लोगों का आवागमन होता है। हर वर्ष बाढ़ के समय यह सड़क पानी में डूब जाती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।


स्थिति गंभीर होने पर ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए चंदा इकट्ठा किया और श्रमदान के माध्यम से बांस व लकड़ी का चचरी पुल तैयार कराया। इस कार्य में कैलाश यादव, रंभू यादव, मालिक यादव, जितन यादव, खजानती यादव, अक्षय लाल यादव, बच्चा कुमार सहित कई ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग के साथ श्रमदान भी किया।


चौमुखा पंचायत के मुखिया मुकेन्द्र यादव ने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पंचायत के पास फिलहाल पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में संबंधित विभाग और जिला प्रशासन को स्थायी पुल व सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।


मुखिया ने बताया कि मंगलपुर से बड़हरवा जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग को पंचायत की विकास योजना में शामिल किया गया है। सरकारी स्वीकृति और राशि उपलब्ध होते ही यहां पीसीसी सड़क तथा स्थायी पुल का निर्माण कराया जाएगा।


इधर, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से बाढ़ के दौरान आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा भविष्य में स्थायी पुल और सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि हर वर्ष लोगों को इस समस्या का सामना न करना पड़े।

बेतिया से संतोष की रिपोर्ट

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