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Bihar Police : IG के घर पहुंची पुलिस, 2 घंटे से बंद कमरे में हो रही पुछ्ताक्ष; पूर्व सांसद और वर्तमान विधयाक केस से जुड़ा है मामला; SP ने जारी किया था नोटिस

पटना हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस ने बिहार के आईजी सुनील कुमार नायक से पूछताछ शुरू की। मामला रघुरामा कृष्ण राजू की शिकायत से जुड़ा है।

 Bihar Police : IG के घर पहुंची पुलिस, 2 घंटे से बंद कमरे में हो रही पुछ्ताक्ष; पूर्व सांसद और वर्तमान विधयाक केस से जुड़ा है मामला; SP ने जारी किया था नोटिस
Tejpratap
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Bihar IG news : Patna High Court में बिहार के गृह रक्षा एवं अग्निशमन सेवा विभाग में कार्यरत पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुनील कुमार नायक की आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई के बाद उन्हें राहत नहीं मिली। कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा जारी समन नोटिस को रद्द करने की मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद सोमवार को आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम पटना स्थित उनके आवास पहुंची और मामले में उनसे पूछताछ की।कोर्ट के आदेश पर सुनील कुमार नायक के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। अब उनकी जमानत रद्द होने के बाद आंध्र पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करेगी और ट्रांजिट रिमांड लेकर आंध्र प्रदेश ले जाएगी।



आईजी नायक ने अपनी याचिका में आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के पुलिस अधीक्षक ए.आर. दामोदर द्वारा 25 फरवरी और 10 मार्च 2025 को जारी समन नोटिसों को चुनौती दी थी। इन नोटिसों में उन्हें नागाराम पालेम थाना कांड संख्या 187/2024 के सिलसिले में जांच के लिए ओंगोल, आंध्र प्रदेश में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। याचिकाकर्ता ने अदालत से यह भी अनुरोध किया था कि उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई से संरक्षण प्रदान किया जाए, लेकिन कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।


यह मामला आंध्र प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष एवं उंडी से विधायक K. Raghurama Krishna Raju की शिकायत से जुड़ा है। राजू ने आरोप लगाया है कि सांसद रहने के दौरान उन्हें एक झूठे मामले में फंसाकर सीआईडी कार्यालय, गुंटूर में अवैध रूप से हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं। उन्होंने गुंटूर के पुलिस अधीक्षक तुषार दुदी के समक्ष दर्ज शिकायत में कहा कि एपी-सीआईडी की हिरासत के दौरान उनके साथ तृतीय डिग्री का व्यवहार किया गया।


पूर्व सांसद राजू, जो चुनाव से पहले YSR Congress Party छोड़ चुके थे और वर्तमान में Telugu Desam Party से जुड़े हैं, ने आरोप लगाया कि उन पर “आपराधिक साजिश” के तहत झूठा मामला थोपा गया। उनका कहना है कि 14 मई 2021 को उन्हें बिना उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी के समय मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया और अन्य कानूनी औपचारिकताओं की भी अनदेखी की गई।


राजू ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय के आंध्र प्रदेश पुलिस विभाग के महानिदेशक पी.वी. सुनील कुमार, अतिरिक्त महानिदेशक (खुफिया) पी. सीतारामंजनेयुलु, कार्यवाहक मुख्यमंत्री Y. S. Jagan Mohan Reddy तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर. विजया पॉल ने हिरासत में उनकी हत्या की साजिश रची। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गुंटूर सरकारी जनरल अस्पताल की तत्कालीन अधीक्षक डॉ. प्रभावाती और अन्य डॉक्टरों ने झूठी मेडिकल रिपोर्ट देकर साजिश में साथ दिया।


अपनी शिकायत में राजू ने कहा कि मंगलागिरी स्थित एपी-सीआईडी कार्यालय में हिरासत के दौरान उनके पैरों को रस्सियों से बांधा गया और उन्हें रबर बेल्ट तथा लाठियों से पीटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सीने पर बैठकर दम घोंटने की कोशिश की गई, जबकि उनकी पहले हृदय सर्जरी हो चुकी थी। राजू के अनुसार, “यह मेरी हत्या का प्रयास था।” उन्होंने यह भी दावा किया कि यातना का वीडियो लाइव दिखाया गया और उन्हें राजनीतिक आलोचना के कारण जान से मारने की धमकी दी गई।


मामले की जांच के सिलसिले में जारी समन नोटिसों के तहत आईजी सुनील कुमार नायक को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। चूंकि हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली, इसलिए आंध्र प्रदेश पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में समन की प्रक्रिया, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और उस समय की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी ली जा रही है।


इस प्रकरण ने बिहार और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों के पुलिस महकमों में हलचल पैदा कर दी है। एक ओर जहां आंध्र प्रदेश में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर आईजी नायक का पक्ष है कि समन प्रक्रिया और आरोपों की वैधानिकता पर गंभीर प्रश्न हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इस मामले में किसी प्रकार की गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई होती है।