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पटना हाईकोर्ट का अहम फैसला: घर में कमाने वाला सदस्य है, तो अनुकंपा पर नहीं मिलेगी नौकरी

Patna High Court News: पटना हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि परिवार में कमाने वाला सदस्य होने पर अनुकंपा नौकरी का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा. बेगूसराय के एक मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फैसला सुनाया है।

Patna High Court News
हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Patna High Court News: पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि मृतक सरकारी कर्मचारी के परिवार में पहले से कोई कमाने वाला सदस्य मौजूद है और उसकी आय से परिवार का भरण-पोषण संभव है, तो अनुकंपा के आधार पर नौकरी का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।


जस्टिस पार्थ सारथी की एकलपीठ ने सिट्टू कुमार की याचिका को खारिज करते हुए बेगूसराय जिला अनुकंपा समिति के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति तभी दी जा सकती है, जब परिवार में कोई कमाने वाला सदस्य न हो और आजीविका का कोई साधन उपलब्ध न हो। इस मामले में समिति ने पहले ही याचिकाकर्ता के बड़े भाई के सरकारी नौकरी में होने के कारण आवेदन खारिज कर दिया था।ट


सिट्टू कुमार ने अपने पिता बिनोद शर्मा, जो बीएसएपी में हवलदार थे और 10 मार्च 2016 को निधन हो गया था, की मृत्यु के बाद अनुकंपा नौकरी की मांग की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि उनका बड़ा भाई सचिन कुमार अलग रहते हैं और परिवार के भरण-पोषण में योगदान नहीं देते, इसलिए उन्हें नौकरी मिलनी चाहिए।


मामले में 2022 में हाईकोर्ट ने डीजीपी, बिहार को निर्देश दिया था कि नीरज कुमार मलिक बनाम बिहार राज्य मामले के आलोक में पुनर्विचार किया जाए। इसके बाद जिला अनुकंपा समिति ने 28 जुलाई 2023 को पुनः सुनवाई कर आवेदन खारिज कर दिया।


सरकार की ओर से अदालत में बताया गया कि सिट्टू कुमार के बड़े भाई जेल पुलिस में वार्डन हैं और नियमित वेतन प्राप्त कर रहे हैं। कोर्ट ने माना कि परिवार की आय पर्याप्त है, इसलिए अनुकंपा नियुक्ति का आधार नहीं बनता। इसी आधार पर अदालत ने याचिका को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।


अनुकंपा नियुक्ति के नियमों के अनुसार, सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद केवल पति, पत्नी, पुत्र या अविवाहित पुत्री ही पात्र होते हैं, और यह भी जरूरी है कि परिवार में कोई स्थायी कमाने वाला सदस्य न हो। साथ ही मृत्यु के पांच वर्षों के भीतर आवेदन करना आवश्यक होता है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता