ब्रेकिंग
Bihar BDO Strike: बिहार के बीडीओ जायेंगे हड़ताल पर, सरकार के सामने बढ़ी बड़ी चुनौती; जानिए क्या है वजह पटना में बाढ़ का खतरा गहराया! 66 नावें तैनात, मुसीबत में फंसें तो तुरंत इस नंबर पर करें फोनPatna Shopping Complex: पटना के खेतान मार्केट समेत 3 जगहों पर बनेंगे बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, 530 करोड़ की योजना पर बड़ा फैसलाBihar News: पटना डूबने लगा! गंगा के रौद्र रूप से दीघा से मोकामा तक तबाही, 1500 परिवार सड़क परBihar News: राजकीय पुरस्कार के लिए चुने गए हेडमास्टर की ही गिरफ्तारी! छात्राओं के वीडियो कांड में 2 शिक्षक फरार, POCSO केस से मचा हड़कंपBihar BDO Strike: बिहार के बीडीओ जायेंगे हड़ताल पर, सरकार के सामने बढ़ी बड़ी चुनौती; जानिए क्या है वजह पटना में बाढ़ का खतरा गहराया! 66 नावें तैनात, मुसीबत में फंसें तो तुरंत इस नंबर पर करें फोनPatna Shopping Complex: पटना के खेतान मार्केट समेत 3 जगहों पर बनेंगे बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, 530 करोड़ की योजना पर बड़ा फैसलाBihar News: पटना डूबने लगा! गंगा के रौद्र रूप से दीघा से मोकामा तक तबाही, 1500 परिवार सड़क परBihar News: राजकीय पुरस्कार के लिए चुने गए हेडमास्टर की ही गिरफ्तारी! छात्राओं के वीडियो कांड में 2 शिक्षक फरार, POCSO केस से मचा हड़कंप

ओवरलोडिंग पर पटना हाई कोर्ट सख्त, अब AI से चलते-चलते कटेगा ई-चालान

बिहार में ओवरलोड वाहनों पर रोक के लिए पटना हाई कोर्ट ने एआई आधारित ‘वे-इन-मोशन’ सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया है, जिससे बिना वाहन रोके स्वतः ई-चालान जारी होगा।

बिहार न्यूज
अब AI से कटेगा चालान
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA:बिहार में ओवरलोड वाहनों से सड़कों और पुलों को हो रहे नुकसान को लेकर पटना हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अब इस समस्या पर नियंत्रण के लिए अत्याधुनिक AI आधारित ‘वे-इन-मोशन’ तकनीक के जरिए बिना वाहन रोके ही वजन मापा जाएगा और नियम उल्लंघन करने पर स्वतः ई-चालान भी जारी किया जाएगा।


मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और न्यायाधीश हरीश कुमार की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए राज्य में लागू हो रही इस तकनीक की प्रगति की समीक्षा की। यह सुनवाई विकास कुमार द्वारा दायर जनहित याचिका पर हुई। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता पी.के. शाही ने कोर्ट को बताया कि ओवरलोडिंग के कारण आरा-मोहनिया एनएच-30 पर दो प्रमुख पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और उनकी मरम्मत जारी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भी माना कि अधिक भार सड़कों की संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।


कोर्ट के निर्देश पर 8 और 9 अप्रैल को महाधिवक्ता कार्यालय में संबंधित विभागों की बैठक हुई, जिसमें ओवरलोडिंग रोकने के उपायों पर सहमति बनी। इसके तहत केंद्र के सड़क मंत्रालय के सहयोग से बिहार में तीन स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ‘वे-इन-मोशन’ सिस्टम स्थापित किया गया है। इस हाईटेक सिस्टम में सेंसर, सीसीटीवी कैमरे और नंबर प्लेट पहचान तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जो चलते वाहनों का वजन और क्षमता स्वतः दर्ज करता है। यदि कोई वाहन निर्धारित सीमा से अधिक लोड लेकर चलता पाया जाता है, तो बिना रोके ही उसका ई-चालान जारी कर दिया जाएगा और इसकी जानकारी सीधे खनन एवं परिवहन विभाग को भेज दी जाएगी।


यदि वाहन मालिक जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उनके लाइसेंस के नवीकरण पर रोक लगाई जा सकती है और वाहन के संचालन पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। खंडपीठ ने संकेत दिया है कि यदि यह तकनीक सफल साबित होती है, तो इसे पूरे राज्य में लागू किया जा सकता है। अब मामले पर अगली सुनवाई 12 मई को होगी। 

टैग्स